मुख्य बात
Firhad Hakim: कोलकाता: कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने ‘जोरा’ व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिया. इस संबंध में फिरहाद हकीम ने कहा है कि उन्होंने सरकारी नंबर छोड़ दिया है. चूंकि वे मंत्री नहीं हैं, इसलिए उन्होंने सरकारी नंबर से समूह छोड़ दिया. हालांकि, उन्होंने अपना निजी नंबर उस समूह में बरकरार रखा है. जब फिरहाद से यह सवाल पूछा गया कि क्या उन्होंने पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेकर समूह छोड़ा है. फिरहाद ने इसपर कोई उत्तर नहीं दिया. दरअसल शुक्रवार को फिरहाद की बेटी प्रियदर्शनी हकीम ने सोशल मीडिया पर ममता को ‘धृतराष्ट्र’ और अभिषेक को ‘दुर्योधन’ कहा था. इसके बाद फिरहाद हकीम ने यह कदम उठाया है.
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ममता के बेहद करीबी हैं फिरहाद हकीम
फिरहाद हकीम ममता बनर्जी के प्रमुख कार्यकर्ताओं में से एक हैं. साथ ही, वे उम्मीद की किरण भी हैं. हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में, जब तृणमूल सुप्रीमो हर जिले में वोट मांगने में व्यस्त थीं, तब उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में प्रचार की जिम्मेदारी फिरहाद हकीम को सौंपी थी. ममता बनर्जी के उदय के बाद से ही बॉबी हकीम उनके साथी रहे हैं. जिस दिन पूर्व मुख्यमंत्री को सत्ता से हटाए जाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी, उस दिन भी उन्होंने बॉबी हकीम को दरकिनार कर दिया था. नतीजतन, बॉबी हकीम के इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में हलचल और बढ़ जाएगी, खासकर ऐसे समय में जब एक के बाद एक पार्टी नेता उनके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, तो फिरहाद हकीम की चर्चा होना लाजिमी है.
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