वह मौत के मुंह से छीन लाया जिंदगी

कोलकाता: जाको राखे साइयां मार सके ना कोई. बुधवार को फिर से यह कहावत एक बार सच साबित हुई. जब स्टीमर से अचानक गंगा नदी में गिरे एक व्यक्ति को घटना के 15 मिनट बाद पानी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. यह करिश्मा कोलकाता पुलिस के एक कांस्टेबल ने कर दिखाया. साहसी कांस्टेबल का […]

कोलकाता: जाको राखे साइयां मार सके ना कोई. बुधवार को फिर से यह कहावत एक बार सच साबित हुई. जब स्टीमर से अचानक गंगा नदी में गिरे एक व्यक्ति को घटना के 15 मिनट बाद पानी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

यह करिश्मा कोलकाता पुलिस के एक कांस्टेबल ने कर दिखाया. साहसी कांस्टेबल का नाम सुबोध चंद्र रॉय (38) है. वह कोलकाता पुलिस के डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप (डीएमजी) में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है, जबकि उसके हाथों मौत के मुंह से बाहर निकलने वाले व्यक्ति का नाम कैलाश सोनाटोनी (48) है. वह पार्क स्ट्रीट इलाके के अप्सरा अपार्टमेंट का रहने वाला है.

डीसी (पोर्ट) वी सोलोमन नेशा कुमार ने बताया कि सरस्वती प्रतिमा के विसजर्न के लिए बुधवार सुबह बाबूघाट व आसपास गंगा घाट पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गयी थी. अचानक 9.50 के करीब चांदपाल घाट से एक स्टीमर हावड़ा के लिए रवाना हुई. स्टीमर जब बीच नदी में पहुंची थी तभी अचानक उसमें सवार एक यात्री किसी तरह स्टीमर से नदी में गिर पड़ा. जिससे पूरे स्टीमर में तैनात लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया. तभी चांदपाल घाट पर डीएमजी के कांस्टेबल सुबोध चंद्र रॉय ने एक व्यक्ति को बीच नदी में पानी में डूबते हुए देखा. तत्काल अपनी जान की परवाह किये बिना उसने नदी में छलांग लगा दी और करीब पांच सौ मीटर तैर कर डूब रहे यात्री की जान बचायी.

घटना पर सुबोध चंद्र रॉय ने बताया कि एक व्यक्ति को अपने सामने डूबते देख मुझसे रहा नहीं गया और मानवता के खातिर मैंने उसे बचाने के लिए छलांग लगायी. जब मैं उसके पास पहुंचा तो खुद को सुरक्षित बचाने के साथ उसकी जान बचाने की जिम्मेदारी पहले थी, लेकिन पानी में दोनों का शरीर इतना भारी हो गया था कि सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल हो रहा था. लेकिन उसने हिम्मत न हारी और अंत समय तक प्रयास करते हुए उसे सुरक्षित नदी के तट तक ले आया. जिसके बाद कुछ समय के लिए वह बेहोश हो गया था, लेकिन अब उसका सेहत ठीक है. घटना की जानकारी बचाये गये व्यक्ति कैलाश सोनाटोनी के घरवालों को दी गयी, जिसके बाद पूरे परिवार ने सुबोध का आभार प्रकट किया.

इस घटना पर डीसी पोर्ट वी सोलोमन निशा कुमार ने बताया कि कोलकाता पुलिस की तरफ से सुबोध को सौर्य पदक देने का निर्णय लिया गया है. इसके पहले उसे डीसी दफ्तर के तरफ से दो हजार रुपये नकद राशि का एक मॉनीटरी अवार्ड दिया गया है. साथ ही उसके इस कार्य के कारण उसके सर्विस रिकार्ड में उसके इस गुड वर्क का उल्लेख किया गया है.

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