अगले महीने तक पहला सरकारी कोर्ड ब्लड बैंक

कोलकाता: बंगाल में कोर्ड ब्लड व स्टेम सेल के प्रति लोगों की जागरूकता को देखते हुए राज्य सरकार ने यहां अब सरकारी कोर्ड ब्लड बैंक की स्थापना करने योजना बनायी है. अगले महीने में स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन की मदद से यह बैंक बनाया जायेगा. ऐसी ही जानकारी राज्य के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी […]

कोलकाता: बंगाल में कोर्ड ब्लड व स्टेम सेल के प्रति लोगों की जागरूकता को देखते हुए राज्य सरकार ने यहां अब सरकारी कोर्ड ब्लड बैंक की स्थापना करने योजना बनायी है.

अगले महीने में स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन की मदद से यह बैंक बनाया जायेगा. ऐसी ही जानकारी राज्य के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने दी. उन्होंने बताया कि अगले एक महीने के अंदर ही राज्य सरकार ने यह बैंक खोलने की योजना बनायी है, ताकि राज्य के प्रत्येक वर्ग के लोगों को इसका लाभ उठा सके. महानगर में कोर्ड ब्लड व स्टेम सेल संरक्षण करने के लिए बैंकों की संख्या काफी सीमित है, जबकि इनमें संरक्षण का खर्च भी बहुत अधिक है.

इसलिए राज्य सरकार कम खर्च पर संरक्षण की व्यवस्था करने जा रही है. गौरतलब है कि थैलेसीमिया रोगियों के शरीर में खून बनाने की शक्ति खत्म हो जाती है और अगर इसके रोगी को उसकी ही मां के प्रसव के दौरान कोर्ड ब्लड या स्टेम सेल को फिर से रोगी में डाला जाये तो इस रोग का काफी हद तक निवारण हो जाता है. थैलेसीमिया रोगियों के लिए कोर्ड ब्लड पुनर्जीवन दान के बराबर है. इसके साथ ही कई अन्य रोगों के लिए भी यह अत्यंत आवश्यक होता है.

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