कोलकाता: इस बार आसार लग रहे हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और लोकसभा सदस्य मोहम्मद अजहरुद्दीन लोकसभा चुनाव राज्य की किसी सीट से ही लड़ेंगे.
अजहरुद्दीन ने पिछला आम चुनाव पश्चिम उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद लोकसभा सीट से लड़ा था और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कुंवर सर्वेश कुमार सिंह को 50 हजार वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी. उससे पहले फरवरी, 2009 में ही वह औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हुए थे.
जतायी बंगाल से चुनाव लड़ने की इच्छा
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान का पश्चिम बंगाल और खासकर कोलकाता के इडेन गार्डेन से विशेष संबंध रहा है. इस वर्ष उन्होंने बंगाल से लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जतायी है. नयी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने संकेत दिया कि उनके आगामी लोकसभा चुनाव में बंगाल के किसी सीट पर चुनाव लड़ने की संभावना है.
कांग्रेस की स्थिति पर टाल गये
जब पूर्व क्रिकेटर से पूछा गया कि क्या लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की स्थिति खराब है, उन्होंने कहा वर्ष 2009 के बाद कई चीजें बदली हैं और जिस किसी के पास लोगों के विकास के लिए काम करने की इच्छाशक्ति है, वही विजेता होगा.
उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी के लिए प्रचार किया था.पश्चिम बंगाल के प्रति अजहरुद्दीन का झुकाव कोलकाता की क्रिकेट प्रेमी जनता से और इडेन गार्डेस से जुड़ाव के चलते है. 21 साल की उम्र में अजहरुद्दीन ने यहां अपना पहला क्रिक्रेट मैच खेला था और शतक बनाया था. वर्ष 1993 में उन्होंने 182 की विजेता पारी खेल कर अपनी कप्तानी बचायी थी. उन्होंने उसी साल हीरो कप भी जीता था. 50 वर्षीय पूर्व क्रिकेट कप्तान ने कहा कि वह बंगाल से कभी खाली हाथ नहीं लौटे.
अधीर के हैं करीबी
अजहरुद्दीन रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी के करीबी समङो जाते हैं जो पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं. जब उनसे पसंदीदा सीट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह फैसला तो पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पर्यवेक्षक शकील अहमद और आला नेता अधीर रंजन चौधरी करेंगे. वे ही तय करेंगे कि वे किस निर्वाचन क्षेत्र से लड़ें.
