हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस में डकैती

आसनसोल: आसनसोल और रानीगंज रेलवे स्टेशनों के बीच शनिवार की शाम हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस की जनरल बोगी में दो दर्जन से अधिक सशस्त्र अपराधियों ने 20 से अधिक मवेशी व्यवसायियों से 60 लाख रुपये से ज्यादा की राशि लूट ली . इस दौरान उन्होंने सभी यात्रियों की चाकू, डंडे आदि से पिटाई की. 18 यात्री घायल […]

आसनसोल: आसनसोल और रानीगंज रेलवे स्टेशनों के बीच शनिवार की शाम हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस की जनरल बोगी में दो दर्जन से अधिक सशस्त्र अपराधियों ने 20 से अधिक मवेशी व्यवसायियों से 60 लाख रुपये से ज्यादा की राशि लूट ली . इस दौरान उन्होंने सभी यात्रियों की चाकू, डंडे आदि से पिटाई की. 18 यात्री घायल हुए हैं. स्टेशन पर यात्रियों ने काफी हंगामा किया. आसनसोल जीआरपी में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. घायलों को चिकित्सा के लिए आसनसोल जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है.

पीड़ित यात्रियों ने बताया कि पानागढ़ से अमृतसर एक्सप्रेस की जनरल बोगी में वे सवार हुए थे. उन्हें बक्सर जाना था. रानीगंज स्टेशन से ट्रेन खुलकर जैसे ही एक किलोमीटर दूर पहुंची, ट्रेन में सवार अपराधियों ने चेन पूलिंग कर उसे रोक दिया. नीचे खड़े दो दर्जन से अधिक सशस्त्र अपराधी ट्रेन में चढ़कर लूटपाट करने लगे. रुपये नही देने पर उन्होंने मारपीट शुरू कर दी. 40 लाख की राशि एक मवेशी व्यवसायी से लूटी गयी, जबकि अन्य व्यवसायियों से 20 लाख से अधिक की लूट हुई. इसके बाद ट्रेन खुल गयी. पर, अपराधियों की लूट चलती रही. दस मिनट बाद ट्रेन में सवार अपराधियों ने ट्रेन की चेन खींच कर उसे रोका और उतर कर चले गये.

ट्रेन के आसनसोल पहुंचने पर यात्रियों ने काफी हंगामा किया. मंडल के वरीय मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमरेश कुमार ने बताया कि अपराधी निमचा-कालीपहाड़ी स्टेशनों के बीच उतरे हैं. जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने रवानगी दे दी है. स्थानीय पुलिस की मदद ली जा रही है. अपराधियों ने मवेशी व्यवसायियों पर पहले से नजर रखी थी.

हर व्यवसायी के पास थे लाख से अधिक रुपये
आसनसोल: हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस में डकैती के शिकार बने यात्री सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि वे यूपी के ओरैया जिले के निवासी हैं. चौसा (बक्सर) से जानवर खरीद कर पानागढ़ के इलम बाजार में बेचने का धंधा करते हैं. वे सभी लोग शनिवार को अपने-अपने घर लौट रहे थे. हर किसी के पास एक लाख से अधिक की राशि थी. उनके पास साढ़े चार लाख रुपये से अधिक की रकम थी. उनके मित्र अली मोहम्मद के पास पांच लाख तथा मनोज कुमार सिंह के पास 25 लाख रुपये थे. 15 से 20 मिनट तक अपराधियों का तांडव चलता रहा और आसनसोल स्टेशन आने के दो किलो मीटर पूर्व ही फिर से चेन पूलिंग कर सभी अपराधी उतर गये. कई यात्रियों के रुपये नहीं देने पर उनके वस्त्र तक फाड़ दिये गये.

चौसा निवासी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेन खुलते ही सभी अपराधियों ने हथियार चमकाते हुए कहा कि जिसके पास जितने भी रुपये हैं, वह निकाल दे. कुछ लोगों ने विरोध किया तो उन पर लाठी व चाकू से हमला कर दिया.

यात्री का सिर फटा
इस हमले में सुरेंद्र नाथ पांडे का सिर फट गया, इसके बाद तो अपराधी बिना रुके ताबड़-तोड़ लाठी बरसाने लगे. विनोद सिंह, राकेश कुमार आदि समेत 18 व्यवसायी जख्मी हो गये. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उनके पास से 25 लाख रुपये अपराधियों ने छीन लिये. वहीं, उत्तर प्रदेश के सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि अपराधियों ने उनसे पैसा मांगा और जब उन्होंने देने से इनकार किया तो उनकी पिटाई करते हुए उनकी पैंट फाड़ कर भीतर के पॉकेट में रखे दो लाख रुपये से अधिक निकाल लिये. मालूम हो कि ट्रेन शाम 7:44 बजे आसनसोल स्टेशन पहुंची और रुकते ही लोगों ने ट्रेन से उतर कर जीआरपी कार्यालय में जा कर डकैती की शिकायत की.

सभी पीड़ित यात्री ट्रेन छोड़ कर आसनसोल रेलवे स्टेशन पर उतर गये. जीआरपी के सहयोग से सुरेंद्र नाथ पांडे समेत अन्य घायलों को आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया. वहीं जानकारी पा कर आरपीएफ वेस्ट पोस्ट के निरीक्षक असीम मंडल, आरपीएफ निरीक्षक दीपंकर दे समेत काफी संख्या में आरपीएफ कर्मचारी मौके पर पहुंच कर मामले की जानकारी ली.

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