कोलकाता: राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मार्च 2017 तक बंगाल को ‘निर्मल राज्य’ का दर्जा देने की योजना बनायी है. इसे लेकर मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस समय सीमा के अंदर राज्य के सभी लोगों को स्वच्छ सैनिटेशन व्यवस्था से जोड़ना होगा.
इसे लेकर वीरभूम जिला प्रशासन इस योजना को क्रियान्वित करने में सबसे आगे है. मुख्यमंत्री ने निर्मल भारत अभियान के तहत वर्ष 2015 तक जिले को ‘ निर्मल जिला ’ के रूप में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा है.
इससे जिले के एक लाख 90 हजार परिवार लाभान्वित होंगे. अब तक यहां के 50 हजार लोगों को इससे जोड़ा जा चुका है, मार्च 2014 तक और 50 हजार लोगों को इससे जोड़ा जायेगा. इन सभी लोगों को 100 दिनों के रोजगार योजना के साथ जोड़ा जा रहा है और इन लोगों से जिले को स्वच्छ व निर्मल बनाया जा रहा है.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने पहले ही 31 मार्च 2017 तक पूरे राज्य को ‘ निर्मल राज्य ’ बनाने का लक्ष्य रखा है. अब राज्य सरकार ने ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के साथ भी 100 दिनों के रोजगार योजना को जोड़ने की योजना बनायी है. पुरूलिया जिले में विद्युतीकरण के लिए इसका प्रयोग किया जा रहा है. वर्ष 2014 के अंत तक राज्य सरकार ने यहां के प्रत्येक घर में बिजली पहुंचाने की योजना बनायी है. इस संबंध में राज्य के बिजली मंत्री मनीष गुप्ता ने पुरूलिया व बांकुड़ा जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की थी और इस योजना को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया था.
