कोलकाता/खड़गपुर: राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से काफी ऐसी घटनाएं हुई हैं, जो पहले कभी नहीं हुई थी. मंगलवार को मुख्यमंत्री ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए ऐसे क्षेत्रों का दौरा किया, जहां पिछले 10 वर्षो से राज्य का कोई मुख्यमंत्री नहीं पहुंचा था.
वाममोरचा सरकार के दौरान 2004 में भुखमरी के कारण सुर्खियों में आये पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के आमलासोल गांव राज्य के अत्यंत पिछड़े गांवों में से एक है. मुख्यमंत्री ने मंगलवार को इस गांव का दौरा किया और यहां से राज्य के सभी पंचायत क्षेत्रों के लिए 18000 किमी सड़क के निर्माण के लिए आधारशिला रखीं. इस मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पंचायत क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के लिए ‘एक सौ दिन का काम करें और अपना रास्ता स्वयं बनायें ’ का नया नारा लगाया. उन्होंने कहा कि अब किसी को भी भूख से मरने नहीं दिया जायेगा.
अतीत के पन्नों को पलटते हुए ममता ने याद किया कि पिछली बार 2004 में जब वह भुखमरी की खबरों के बाद यहां आयी थी, तो वह विधानसभा में विपक्ष में थीं. यह वही जगह है जहां 2004 में भूख से लोगों की जान चली गयी थी. गौरतलब है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महानगर से हेलीकॉप्टर से झाड़ग्राम पहुंची और फिर वहां से सड़क मार्ग से बेलपहाड़ी के आमलाशोल फुटबॉल ग्राउंड में सभा को संबोधित करने पहुंची.
वहीं, पश्चिमी मेदिनीपुर जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वह यहां के लोगों को आश्वस्त करना चाहती हैं कि उनके शासन के दौरान कोई भुखमरी का शिकार नहीं होगा. तृणमूल कांग्रेस सरकार राज्य में गरीबी रेखा से नीचे रह रहे सभी परिवारों को दो रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से चावल दे रही है और क्षेत्र में ढांचागत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने सभी ग्रामीणों से अनुरोध किया कि वह अपनी बेटियों का विवाह 18 वर्ष से कम आयु में ना करें. राज्य सरकार ने 12वीं तक लड़कियों की मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाये हैं. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विद्युतीकरण योजनाएं, आश्रम व हॉस्टल निर्माण के साथ ही 43 परियोजनाओं की घोषणा की.
अमलाशोल में अब हो रहा विकास
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने माओवाद प्रभावित आमलाशोल दौरे के संबंध में अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया है. वाममोरचा सरकार के शासनकाल में यहां भूख से मौत की खबरें आयी थी.
मुख्यमंत्री ने लिखा है कि आमलाशोल की भारी अनदेखी की गयी. लंबे अरसे तक यहां भयंकर गरीबी, वाम पंथी उग्रवाद और पिछड़ापन रहा. लेकिन वर्तमान राज्य सरकार के पिछले ढ़ाई वर्षो से लगातार प्रयास से हालात में काफी बदलाव आया है. लोगों के पास अब खाद्य सुरक्षा है. मंगलवार को सुदूर गांव आमलाशोल को करीब के कंक्रीट रोड से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने कांकराझोर से आमलाशोल तक के पक्के रोड के निर्माण कार्य की शुरुआत की.
इसके साथ ही राज्य के सभी 3349 ग्राम पंचायतों में सड़क के निर्माण का कार्य 100 दिन के कार्य की योजना के तहत शुरू हो गया. 16 हजार किलोमीटर की सड़क के निर्माण कार्य की शुरुआत एक ही दिन हुई. देश में इतने वृहद पैमाने पर सड़क निर्माण कार्य अभूतपूर्व है. मुख्यमंत्री ने लिखा है कि जल्द ही वह फेसबुक पर इस बाबत तसवीरें भी पोस्ट करेंगी.
