लड़कियों को सेफ कार्ड देने की योजना

कोलकाता: राज्य की महिला व बाल कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ शशि पांजा ने कहा है लड़कियों को सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार की ओर से सेफ कार्ड योजना की तैयारी की जा रही है. इसके तहत लड़कियों को एक कार्ड प्रदान किया जायेगा जिसमें उनका पता, नजदीकी थाने […]

कोलकाता: राज्य की महिला व बाल कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ शशि पांजा ने कहा है लड़कियों को सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार की ओर से सेफ कार्ड योजना की तैयारी की जा रही है.

इसके तहत लड़कियों को एक कार्ड प्रदान किया जायेगा जिसमें उनका पता, नजदीकी थाने आदि का नंबर रहेगा. इस योजना पर फिलहाल सरकार विचार कर रही है.

यह योजना फिलहाल नवजात स्तर पर है. उनका कहना था कि बच्चियों की तस्करी केवल उन्हें रेड लाइट इलाके में धकेलने के लिए नहीं होती बल्कि इसके पीछे उन्हें बाल श्रमिक बनाने वाला चक्र भी शामिल है. एमसीसीआइ लेडीज फोरम की ओर से सिनी के जरिये अभावग्रस्त बच्चों को अनुदान देने के कार्यक्रम में पहुंची डॉ पांजा ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बाल कल्याण के लिए नियमों का अभाव नहीं है. जरूरत मौजूदा नियमों के क्रियान्वयन की है.

उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर तक बाल सुरक्षा कमेटी को तैयार करने की जरूरत है. फिलहाल जिला स्तर तक इसे लागू करने का काम हो रहा है. बच्चों के विकास के बिना समाज का विकास नहीं हो सकता. हालांकि मौजूदा स्थिति को देखें तो सेकेंडरी स्कूल तक पहुंचते-पहुंचते 70 फीसदी बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं. इनमें से 60 फीसदी से अधिक तादाद लड़कियों की है. इस मौके पर एमसीसीआइ लेडीज फोरम की चेयरपर्सन दिव्या अग्रवाल ने कहा कि उनके फोरम का उद्देश्य महिलाओं व अभावग्रस्त बच्चों की समस्याओं के निदान की दिशा में काम करना है. इस अवसर पर अभिनेत्री कोनिनिका बनर्जी ने कहा कि बाल कल्याण की दिशा में मुख्य बाधा शिक्षा का अभाव है.

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