– दहेज की मांग पूरी नहीं करने पर वधू की हत्या का आरोप
– आठ साल की बच्ची का नाना व नानी कर रहे परवरिश
सिलीगुड़ी : मांती बरुआ की हत्या दहेज की मांग पूरी नहीं कर पाने के कारण किये जाने का आरोप है. आरोप है कि पति ने अपने पूरे परिवार के साथ मिल कर कर हत्या की थी. इसकी शिकातय भक्तिनगर थाने में 28 नवंबर 2013 को करायी गयी थी. उक्त बातें मृतका के पिता तपन दास ने कहीं.
वह रविवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मांती की आठ साल की बच्ची है, जिसकी परवरिश वे कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस ने मांती के पति विजन बुरुआ व राजु बरुआ को पहले ही गिरफ्तर कर लिया है. पर विजन की मां गीता बरुआ व बहन लखी बरुआ अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है.
उन्होंने भक्तिनगर पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह मामले को गंभीरता से नहीं देख रही है. फरार मृतका की सास व ननद को गिरफ्तार करने का प्रयास नहीं कर रही है.
इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर सहित मुख्य मंत्री, राज्यपाल व राष्ट्रपति से भी की गयी है. ससुराल वालों ने कहा था कि मांती ने आत्महत्या की है. पर ऐसा नहीं है, उसकी हत्या की गयी है. मांती की शादी 11 दिसंबर 2011 को शारदापल्ली निवासी विजन बरुआ से हुई थी.
उसी समय से विजन व उसके परिवार वाले मांती को दहेज के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे. मृतका के माता-पिता मांती के न्याय के लिए अदालत व पुलिस का चक्कर काट रहे हैं.
