कोलकाता: विधानसभा और पंचायत चुनाव के बाद अब राज्य की 12 नगरपालिकाओं के चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया है. तृणमूल कांग्रेस ने आठ नगरपालिकाओं पर कब्जा जमा लिया, जबिक कांग्रेस के खाते में दो नगरपालिकाएं आयी हैं. वाम मोरचा को महज एक नगरपालिका पर जीत मिली है. वह तीसरे नंबर पर खिसक गया है. जलपाईगुड़ी जिले की अलीपुरद्वार नगरपालिका का नतीजा त्रिशंकु रहा. बर्दवान और नदिया की चाकदह नगरपालिका में विपक्ष नहीं रहेगा. इन दोनों नगरपालिकाओं के सभी वार्डो पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की है.
लेफ्ट ने दो जगह वापस लिये थे प्रत्याशी
वाम मोरचा ने बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायत कर मतदान के दिन इन दोनों पालिकाओं से अपने सभी उम्मीदवारों को वापस ले लिया था. राज्य चुनाव आयोग के सचिव तापस राय ने मंगलवार को बताया कि तृणमूल कांग्रेस ने बालुरघाट, बर्दवान, गुसकरा, दुबराजपुर, पानीहाटी (उत्तर 24 परगना), हाबरा (उत्तर 24 परगना) डायमंड हार्बर (दक्षिण 24 परगना) और चाकदह (नदिया) नगरपालिका में जीत हासिल की है. कांग्रेस को हल्दीबाड़ी और ढालखोला में सफलता मिली है. जबकि वाम मोरचा को सिर्फ मेखलीगंज में जीत से संतोष करना पड़ा है. 2008 में इन 12 नगरपालिकाओं में वाम मोरचा को पांच में जीत मिली थी.
कांग्रेस को चार और तृणमूल कांग्रेस को तीन में जीत मिली थी. 2008 में कांग्रेस को हल्दीबाड़ी, अलीपुरद्वार, ढालखोला व दुबराजपुर में जीत मिली थी, जबकि वाममोरचा को पानीहाटी, बर्दवान, चाकदह, बालुरघाट व मेखलीगंज में सफलता मिली थी.
तृणमूल के कब्जे में गुसकरा, हाबड़ा और डायमंड हार्बर नगरपालिकाएं थीं. इस बार तृणमूल कांग्रेस को खास कर नदिया जिले की चाकदह और बर्दवान जिले की बर्दवान नगरपालिका में बड़ी जीत मिली है. बर्दवान में तृणमूल कांग्रेस ने सभी 35 वार्डो में जीत दर्ज की. वर्ष 2008 के चुनाव में वाम मोरचा के खाते में 30 वार्ड आये थे.
चकदाह के सभी 21 वाडरें पर तृणमूल को जीत मिली है. पिछले चुनाव में एक वार्ड को छोड़कर वाम मोरचा सभी वाडरें में काबिज था. 24 उत्तर परगना जिले के पानीहाटी नगरपालिका में तृणमूल ने 47 वर्ष बाद वाम मोरचा को बेदखल किया. बर्दवान, चाकदह और बालुरघाट में वाम मोरचा तीन दशक से अधिक समय से काबिज था. मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने जीत का श्रेय जनता को दिया है. वह अभी पूर्व में माओवादियों के गढ़ रहे जंगलमहल में विकास परियोजनाओं की समीक्षा के लिए दौरे पर हैं. तृणमूल कांग्रेस ने इससे करीब दो महीने पहले ही पंचायत चुनाव में ग्रामीण मतदाताओं के बीच अपनी स्थिति मजबूत की थी.
