तृणमूल की जीत अलोकतांत्रिक

कोलकाता: राज्य के 12 नगरपालिकाओं में हुए चुनाव का नतीजा मंगलवार को आया. आठ पालिकाओं पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस ने दो और वाममोरचा ने एक नगरपालिका पर कब्जा जमाया. तृणमूल ने कांग्रेस से दुबराजपुर नगरपालिका और वाममोरचा के कब्जे से पानीहाटी, बर्दवान, चाकदा, बालुरघाट नगरपालिकाओं को छीन लिया, जबकि […]

कोलकाता: राज्य के 12 नगरपालिकाओं में हुए चुनाव का नतीजा मंगलवार को आया. आठ पालिकाओं पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस ने दो और वाममोरचा ने एक नगरपालिका पर कब्जा जमाया. तृणमूल ने कांग्रेस से दुबराजपुर नगरपालिका और वाममोरचा के कब्जे से पानीहाटी, बर्दवान, चाकदा, बालुरघाट नगरपालिकाओं को छीन लिया, जबकि गुसकरा, डायमंड हार्बर और हाबरा नगरपालिकाओं पर अपना कब्जा बरकरार रखा.

चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान वाममोरचा को हुआ है. अलीपुरद्वार नगर निकाय में परिणाम त्रिशंकु रहे, क्योंकि कोई भी पार्टी बहुमत तक नहीं पहुंच पायी. चुनाव के नतीजों पर विपक्षी दलों के नेताओं ने तृणमूल पर कटाक्ष किया है. उनका कहना है कि जीत तृणमूल कांग्रेस की नहीं अलोकतांत्रिक व अत्याचार की जीत है.

पहले ही तैयार किया हिंसा का वातावरण
पंचायत चुनाव की तरह ही नगरपालिका चुनाव के पहले से ही हिंसा का वातावरण तैयार किया गया. वामपंथी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले किये गये. उन्हें धमकी दी गयी. आरोप के मुताबिक इन घटनाओं के पीछे सत्तारूढ़ तृणमूल के कार्यकर्तागण शामिल थे. प्रशासन मूकदर्शक बनी रही. चुनाव आयोग शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव करा पाने में नाकाम रहा. अराजक व हिंसक माहौल में मिली जीत कोई मायने नहीं रखता, क्योंकि आम लोगों के मताधिकार का हनन किया गया. यह जीत अत्याचार की हुई है.

– विमान बसु, राज्य वाममोरचा के चेयरमैन.

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