नयी दिल्ली : कभी सोचा है कि बंगाली व्यंजनों का स्वाद इतना अलग कैसे होता है? इस सवाल का जवाब आपको एक नयी किताब में मिल सकता है. ओ..कैलकटा रेस्त्रां चेन के मालिक अंजन दत्ता ने इसी नाम की अपनी किताब में बंगाली व्यंजनों से जुड़ी जानकारी दी है.
दत्ता ने कहा, इस सवाल का जवाब कुछ हद तक बंगाली व्यंजनों में इस्तेमाल किए जाने वाले अलग मसालों और सामग्रियों से मिल सकता है. बंगाली खानों में केले के फूल, सरसों के तेल या काशुंदी का तीखा स्वाद और बंगाली नींबुओं के राजा, गोंधोराज लेबू की तीखी गंध शामिल होती है.
उन्होंने कहा, मोछार घोंटो (पोस्ता दाना के साथ केले की फूल) या आम अचार इलिश (कद्दू के पत्तों में आम के अचार के साथ पकायी गयी हिल्सा मछली) जैसी शाही खाने पर नजर डालें तो आपको कुछ सादी सामग्रियां दिख सकती हैं जिन्हें देखकर आप चौंक जाएंगे.
दत्ता ने कहा, सब्जियों के वैसे हिस्से जिन्हें आमतौपर पर फेंक दिया जाता है उनसे ही इतने शानदार बंगाली व्यंजन बनते हैं. ओ..कैलकटा चेन के देश भर में नौ रेस्त्रां और बांग्लादेश में एक रेस्त्रां है. इस रेस्त्रां चेन के प्रसिद्ध व्यंजनों और उनकी पाक विधि का जिक्र इस ओ..कैलकटा किताब में किया गया है. किताब का प्रकाशन रैंडम हाउस इंडिया ने किया है.
