कोलकाता: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में पल्स पोलियो ड्रॉप्स की जगह गलती से हेपेटाइटिस बी के टीके की दवा पिलाने के बाद कम से कम 114 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जिसके बाद नाराज लोगों ने प्रदर्शन किये और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जांच का आदेश दिया। मामले में चार स्वास्थ्य कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.कल हुगली जिले के एक गांव में एक पोलियो शिविर में घटी घटना के मामले में पैदा हुए विवाद के बाद मुख्यमंत्री ने जांच का आदेश दिया है.
प्रदेश के स्वास्थ्य सेवा निदेशक बी सत्पति ने यहां पीटीआई को बताया, ‘‘मुख्यमंत्री ने मामले में जांच का आदेश दिया है.’’ सत्पति ने कहा कि मामले में लापरवाही नजर आ रही है और इस वजह से चार स्वास्थ्य कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. लेकिन हेपेटाइटिस बी टीके की दवा को गलत तरह से पिलाने के बाद बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है और उन्हें आज आरामबाग अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी.
हुगली से आधिकारिक सूत्रों के हवाले से आई खबर के अनुसार जहां 114 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया वहीं सत्पति ने कहा कि 67 बच्चों को अस्पताल भेजा गया.सत्पति ने कहा कि 14 अन्य बच्चों को बाद में इसलिए अस्पताल में भर्ती कराया गया क्योंकि उनके माता-पिता बच्चों को गलत तरह से दवा दिये जाने की खबर सुनकर घबरा गये थे. उन्होंने कहा कि निलंबित कर्मचारियों में एक सुपरवाइजर है जो शिविर में देर से पहुंचा जबकि वह वितरण का प्रभारी था.
