कोलकाता : राज्य में लोकतंत्र की हत्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार ने किया है. राज्य के युवा वर्गो की उपेक्षा की जा रही है. उनके रोजगार को लेकर संशय की स्थिति है.
सरकारी पक्ष से केवल बयानबाजी की जा रही है. युवतियों व महिलाओं समेत राज्य में बच्चियों की सुरक्षा पर भी सवाल घिरे हुए हैं. यह आरोप राज्य में वाम मोरचा के चेयरमैन विमान बसु ने रविवार को लगायी. वे बेरोजगारी व हिंसा की घटनाओं के खिलाफ आठ वामपंथी संगठनों द्वारा आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे.
इस मौके पर विधानसभा के विपक्ष के नेता व माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य डॉ सूर्यकांत मिश्र समेत कई वामपंथी नेताओं ने अपने विचार रखे.
आला वामपंथी नेता विमान बसु ने आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा को लेकर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों का विरोध किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों को एपीएल व बीपीएल के आधार पर बांटने की कोशिश न की जाये. महंगाई के लिए केंद्र सबसे ज्यादा जिम्मेदार है. पेट्रोल व डीजल की कीमत पर सरकार का नियंत्रण जरूरी है. इसकी वजह से लगातार महंगाई बढ़ रही है.
खाद्य सुरक्षा पर भी संकट बना हुआ है. उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती वाममोरचा के शासनकाल में बनाये गये कोल्ड स्टोरेज तृणमूल के सत्ता में आने के बाद बंद होते जा रहे हैं. महंगाई नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित टॉस्क फोर्स कारगर साबित नहीं हुआ है.
कामदुनी व पार्क स्ट्रीट कांड का उदाहरण देते हुए वामपंथी नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के मसले पर किसी भी प्रकार का ठोस कदम नहीं उठा रही है. श्री बसु ने सुश्री बनर्जी पर कराक्ष करते हुए आरोप लगाया कि कई सभाओं में उनके दिये बयान से अपराधियों को बढ़ावा मिल रहा है.
उन्होंने कहा कि महानगर के पार्क स्ट्रीट दुष्कर्म मामला व अन्य कई ऐसे मामले हैं जब कथित तौर पर मुख्यमंत्री ने इसे झूठा करार दिया था. उन्होंने अपराधियों को मिलने वाले राजनीतिक सह का विरोध किया.
तृणमूल सरकार के सत्ता में रहने के दौरान बेरोजगारी बढ़ी है. चिटफंड कंपनी सारधा समूह जैसी कंपनियों को तृणमूल के शासन में बढ़ावा मिला है. वामपंथी नेताओं ने बेरोजगारी, महिलाओं की असुरक्षा, हिंसक घटनाओं समेत कई समस्याओं के खिलाफ दुर्गापूजा के बाद राज्यव्यापी आंदोलन चलाने का आह्वान किया है.
