कोलकाता: सारधा चिट फंड घोटाले के पीड़ितों को उनके पैसे वापस मिलने की उम्मीद जगी है. सोमवार को राइटर्स बिल्डिंग में हुई कैबिनेट की बैठक में सारधा घोटाले के पीड़ितों को मुआवजे के तौर पर राशि देने के लिए राज्य सरकार ने नये राहत कोष बनाने का फैसला किया था. आज इसके गठन की मंजूरी दे दी गयी.
सीएम ने की थी घोषणा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विगत अप्रैल में सारधा निवेशकों को मुआवजे के तौर पर 500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी. खबर है कि राज्य सरकार ने लगभग 500 करोड़ रुपये जुटा लिये हैं. सिगरेट पर टैक्स बढ़ा कर राज्य सरकार ने करीब 150 करोड़ रुपये जुटाये हैं, जबकि शराब की दुकान व देर रात तक बार को लाइसेंस जारी कर 250 करोड़ रुपये जुटाये गये हैं. इसके अलावा अन्य मदों से 100 करोड़ रुपये जुटाये जा रहे हैं. निवेशकों को पैसे वापस करने की प्रक्रिया को सही तरह से लागू करने के लिए प्रधान सचिव स्तर के एक अधिकारी की नियुक्ति की जाये. वह पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे.
लाखों में मिली हैं शिकायतें
उधर, जस्टिस श्यामल सेन की कमेटी ने कहा है कि सारधा चिट फंड घोटाले के संबंध में अब तक करीब 17 लाख लोगों ने अपनी राशि वापस लेने के लिए आवेदन जमा किये हैं. इनमें से करीब 70 फीसदी लोगों की राशि 10 हजार रुपये से कम है. एक व्यक्ति ने व्यक्तिगत रूप से सबसे अधिक 27 लाख रुपये का निवेश सारधा ग्रुप में किया है.
