कोलकाता: जानलेवा डेंगू ने फिर दस्तक दे दी है. उत्तर 24 परगना के कमरहट्टी के 11 नंबर वार्ड में फीडर रोड पर सरकारी आवासन के 12 लोगों को डेंगू से पीड़ित होने की शिकायत पर बैरकपुर के अस्पतालों में भरती कराया गया है. 19 जुलाई को इसी आवासन की बाशिंदा रत्ना सरकार (55) की डेंगू से मौत हो चुकी है. बीमार पड़े लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं.
उदासीन है नगरपालिका
लोगों का कहना है कि कमरहट्टी नगरपालिका कोई कदम नहीं उठा रही है. खाल की काफी समय से सफाई नहीं हुई है. इसकी वजह से खाल का पानी काला हो गया है. दरुगध से लोगों का जीना मुहाल है. मच्छर और मक्खियों का राज है. डेंगू का उपचार करा चुकीं शुक्ला दास ने बताया कि नगरपालिका की उपेक्षा के चलते पूरा इलाका कचड़े से भरा रहता है. कई बार नगरपालिका से शिकायत की गयी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है. सागर दत्त स्टेट जनरल अस्पताल, खुदीराम अस्पताल और बैरकपुर के कई निजी अस्पतालों के सूत्रों के मुताबिक, एक महीने में इस आवासन के डेंगू बुखार से पीड़ित 12 लोगों को भरती किया गया है. इनमें इलाज के बाद कई घर जा चुके हैं. अभी सुशील चटोपाध्याय, बबाई घोष, सुजन बसु, बनिक मुखोपाध्याय, समारोह बंद्योपाध्याय और अपूर्व राय चौधरी का इलाज चल रहा है.
क्या कहते हैं चिकित्सक
पानीहाटी अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर शुभव्रत दास ने बताया कि अस्पताल में अभी भी डेंगू से पीड़ित तीन लोगों का इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि डेंगू होने पर मरीज को सिर, हाथ, पैर आदि में असहनीय दर्द होता है. काफी तेज बुखार रहता है. सागर दत्त अस्पताल के अतिरिक्त सुपर डॉक्टर गौतम जोयारदार ने बताया कि अस्पताल में डेंगू से पीड़ित पांच लोग भरती थे, इनमें दो को छोड़ा जा चुका है.
क्या कहना है नगरपालिका चेयरमैन का
उधर, कमरहट्टी नगरपालिका के चेयरमैन तमाल दे ने नगरपालिका के 11 नंबर वार्ड में डेंगू का प्रकोप फैलने की बात को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि रत्ना सरकार की डेंगू से मौत नहीं हुई है. उसकी मौत ब्रेन हैमरेज की वजह से हुई है, हालांकि उन्होंने बताया कि डेंगू की शिकायत मिलने के बाद इलाके की सफाई बढ़ा दी गयी है. ब्लीचिंग पावडर व मच्छर मारने की दवा का स्प्रे किया जा रहा है. डेंगू की शिकायत मिलने पर स्थानीय पार्षद व अस्पताल को नगरपालिका को जानकारी देने के लिए कहा गया है. नगरपालिका के स्वास्थ्य अधिकारी गोपा बोस से अभी तक किसी के डेंगू से पीड़ित होने की जानकारी राज्य के स्वास्थ्य दफ्तर को नहीं दी है.
