कोलकाता: पश्चिम मेदिनीपुर जिले में स्थित राजा नरेंद्रलाल वूमेंस कॉलेज में एक आदिवासी छात्रा के साथ हुई रैगिंग की घटना से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काफी मर्माहत हैं और उन्होंने इस संबंध में राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जल्द से जल्द से छात्रा को गोप कॉलेज से हटा कर झाड़ग्राम कॉलेज में दाखिला कराने का निर्देश दिया है.
इस संबंध में पार्थ चटर्जी ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. मंगलवार को राज्य के शिक्षा मंत्री ने गोप कॉलेज के अध्यक्ष से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है. शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि आदिवासी छात्रा के साथ हुई रैगिंग की घटना को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है, इस घटना से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी काफी दुखी हैं. उन्होंने साफ कर दिया कि इस घटना के सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
वहीं,शिक्षा मंत्री के कड़े तेवर के बाद पश्चिम मेदिनीपुर जिला पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है. घटना में पुलिस ने नरेंद्रलाल कॉलेज हॉस्टल की सुपर रीना पाल को हिरासत में लिया है, लेकिन जब पुलिस उनको कोतवाली थाना ले जा रही थी तो वहां के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
छात्रों का कहना है कि इस घटना में उनका कोई दोष नहीं है. इसके बाद छात्रों ने थाने के सामने भी विरोध प्रदर्शन किया. पीड़ित छात्रा के पिता ने बताया कि 24 जून को उन्होंने अपनी बेटी का कॉलेज में साइंस श्रेणी में नाम लिखाया था और जुलाई महीने से उनकी बेटी वहां रहना शुरू की थी. उसके बाद द्वितीय वर्ष की कुछ छात्राओं ने उसके साथ रैगिंग शुरू कर दी, यहां तक कि उसे जान से मारने तक की धमकी दी. इसके बाद 26 जुलाई को उनकी बेटी घर वापस लौट आयी और पूरी घटना की जानकारी उनको दी. इसके बाद उसके पिता पुलिस के साथ कॉलेज में पहुंचे, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों का पता लगा रही है.
