राष्ट्रपति के कार्यक्रम का किया बायकाट

मामा और भांजी के बीच छिडी जंग मालदा : मालदा में गनीखान चौधरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (जीकेसीआईइटी) के उद्घाटन के साथ ही स्वंय गनीखान चौधरी परिवार में विवाद की शुरूआत हो गयी है.इस मामले को लेकर मामा अबु नासेर खान चौधरी के खिलाफ भांजी मौसम बेनजीर नुर ने मोर्चा खोल दिया है. मौसम […]

मामा और भांजी के बीच छिडी जंग

मालदा : मालदा में गनीखान चौधरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (जीकेसीआईइटी) के उद्घाटन के साथ ही स्वंय गनीखान चौधरी परिवार में विवाद की शुरूआत हो गयी है.इस मामले को लेकर मामा अबु नासेर खान चौधरी के खिलाफ भांजी मौसम बेनजीर नुर ने मोर्चा खोल दिया है.

मौसम बेनजीर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के साथ ही उत्तर मालदा से कांग्रेस सांसद भी हैं.आज ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन किया है.मौसम नूर ने आरोप लगाया है कि जीकेसीआईइटी की स्थापना जिस जगह पर हुयी है,वह इलाका उनके लोकसभा क्षेत्र में है.

ओल्ड मालदा थाना के नारायणपुर इलाके में 300 एकड़ जमीन पर इस कॉलेज का निर्माण हुआ है.मौसम नूर उद्घाटन हेतु बनाए गए आमंत्रण पत्र में अपना नाम नहीं होने से भड़की हुयी हैं.उन्होंने आज राष्ट्रपति के कार्यक्रम का भी बायकाट किया.उन्होंने कहा कि ना केवल आमंत्रण में उनके नाम को शामिल किया गया अपितु रष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल होने तक का निमंत्रण तक नहीं मिला.

वह मालदा आयी ही नहीं.उन्होंने आज कोलकाता से फोन पर बताया है कि गनीखान चौधरी इंजीनियरिंग कॉलेज केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रलय के अधीन है.उन्होंने इस मामले को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रलय की मंत्री स्मृति इरानी से शिकायत करने की भी बात कही.उन्होंने कहा कि वह उस इलाके की सांसद हैं और कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं करना उनके समझ से बाहर है.

मौसम नूर ने आगे कहा कि जीकेसीआईइटी का उद्घाटन करने राष्ट्रपति आयेंगे,यह करीब एक महीने पहले ही तय हो गया था.लेकिन उद्घाटन समारोह में स्थानीय सांसद और विधायक को आमंत्रित नहीं किया जायेगा,इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी. उन्होने अपने मामा पर इलाके के लोगों को अपमानित करने का आरोप लगाया है.आबु नासेर खान चौधरी जीकेसीआईइटी के गवर्निग बॉडी के चेयरमैन हैं.

भांजी के हमलावर रूख से गनीखान परिवार के आवास कोतवली में भी माहौल गरम है.इससे पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था.वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद काफी गहरा हो गया था.उत्तर मालदा से अबु नासेर खान चौधरी कांग्रेस को उम्मीदवार बनाए जाने वाले थे,लेकिन अंतिम समय में उनके स्थान पर मौसम नूर को टिक ट दे दिया गया.

मामा-भांजी के बीच तभी दूरी काफी बढ़ गयी थी जो आज भी जारी है.दूसरी तरफ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के मालदा से दिल्ली रवाना होने के बाद दोनों भाई अबु नासेर खान चौधरी तथा अबु हासेम खान चौधरी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए मौसम नूर को आमंत्रित किया गया था,लेकिन वह नहीं आयीं.दोनो भाइयों ने कहा कि उद्घाटन समारोह में मौसम नूर क्यों शामिल नहीं हुयीं,इसकी जानकारी उन्हें नहीं है.

दोनों लोगों ने आगे कहा कि आमंत्रण कार्ड पर किसका नाम रहेगा यह उन्होंने तय नहीं किया है.आमंत्रण पत्र बनाने का काम केंद्रीय मानव संसाधन विभाग और राष्ट्रपति भवन द्वारा किया गया है.इसमें वह लोग कुछ नहीं कर सकते थे.उन्होंने कहा कि आमंत्रण पत्र में राष्ट्रपति और राज्यपाल को छोड़कर किसी का भी नाम नहीं है. यहां तक कि राज्य सरकार के मंत्रियों का भी उसमें नाम नहीं है.

यदि इसके बाद भी मौसम नाराज हैं तो इसमें वह कुछ नहीं कर सकते.दोनो भाईयों ने संवाददाताओं से भी नाराजगी जताई और कहा कि जब मौसम ने अबतक इस मामले में कोई शिकायत उनसे नहीं की है तो मीडिया के लोग क्यों इस बात को बढा रहे हैं.

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