कोलकाता/नयी दिल्ली. सारधा समेत कुछ अन्य चिटफंड कंपनियों के करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच को गति देते हुए गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने पश्चिम बंगाल और ओड़िशा में 30 ठिकानों पर छापेमारी की.
कोलकाता में सारधा समूह के प्रमुख सुदीप्त सेन के आवास और कार्यालय, तृणमूल कांग्रेस से निलंबित राज्यसभा सदस्य कुणाल घोष के आवास, घोटाले के आरोपी देबयानी मुखर्जी और सोमनाथ दत्त के आवास सहित दस जगहों पर छापेमारी की गयी. इसके अलावा ओड़िशा में सीबीआइ ने बीजू जनतादल के सांसद रामचंद्र हंसदा के आवास और पूर्व बीजद विधायक सुबर्ण नाइक तथा भाजपा के पूर्व विधायक हितेश कुमार बगरत्ती के ठिकानों सहित 20 जगहों की तलाशी ली. जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, सीबीआइ अधिकारियों को घोटाले से संबंधित महत्वपूर्ण कागजात हाथ लगे हैं.
छापेमारी में बैंक अकाउंट के डिटेल, पेनड्राइव, कंप्यूटर हार्ड डिस्क आदि जब्त किये गये हैं. सारधा समूह के प्रमुख सुदीप्त सेन के मिडलैंड पार्क स्थित आवास के साथ ही सॉल्टलेक में पांच जगहों पर छापेमारी की गयी. तृणमूल कांग्रेस से निलंबित राज्ससभा सदस्य कुणाल घोष के नारकेलडांगा स्थित आवास स्थल, सारधा के आरोपी देबयानी मुखर्जी के ढाकुरिया स्थित आवास और एक अन्य आरोपी सोमनाथ दत्ता के घर की सीबीआइ टीम ने तलाशी ली.
मामले की जांच के लिए कोलकाता में गुरुवार को सुबह सात बजे से ही सीबीआइ टीम ने विभिन्न हिस्सों में बंट कर छापेमारी शुरू की. हर ठिकाने पर तीन से चार घंटे तक तलाशी ली गयी. इस दौरान मामले से संबंधित सभी तथ्यों के लिए सुबूत की तलाश में गयी. छापेमारी में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हाथ लगे हैं. उनकी पूरी जांच के बाद ही अदालत में ब्योरा दिया जायेगा. जानकारी के अनुसार, सीबीआइ के अधिकारी सुदीप्त सेन की डायरी, पेन ड्राइव, रसीद, रजिस्टर व अन्य कागजात की तलाश कर रहे हैं. इसके साथ ही सीबीआइ सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है. गौरतलब है कि घोटाले को लेकर सुदीप्त सेन, देबयानी मुखर्जी व सांसद कुणाल घोष जेल में बंद हैं.
ओड़िशा में 20 जगहों पर तलाशी
सीबीआइ ने सारधा और दूसरी कंपनियों से जुड़े करोड़ों रुपये के चिटफंड घोटाले में गुरुवार को ओड़िशा में मयूरभंज से बीजद सांसद रामचंद्र हंसदा के आवास तथा पूर्व बीजद विधायक सुबर्ण नाइक एवं भाजपा के पूर्व विधायक हितेश कुमार बगरत्ती के ठिकानों समेत 20 जगहों पर छापेमारी की. सूत्रों ने कहा कि हंसदा, नाइक और बगरत्ती ‘नव दिगांत कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड’ के निदेशक हैं. इसी कंपनी के खिलाफ सीबीआइ ने हाल में लोगों के पैसे गबन करने का आरोप को लेकर मामला दर्ज किया था. सीबीआइ सूत्रों ने कहा कि जांच एजेंसी को हंसदा के आवास से 28 लाख रुपये नगद मिले जिस पर सांसद से स्पष्टीकरण मांगा जायेगा. कंपनी के एक अन्य निदेशक सयांसी प्रधान के आवास पर मारे गये छापे में 22 लाख रुपये की एफडी और पांच लाख रुपये नगद के बारे में जानकारी मिली. सारधा चिटफंड मामले को लेकर सीबीआइ ने पश्चिम बंगाल में सारधा समूह के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की है और ओड़िशा में सारधा की तर्ज पर काम कर रही चिटफंड कंपनियों के खिलाफ 44 प्राथमिकी दर्ज की हैं.
दस्तावेज हासिल करने की कोशिश में सीबीआइ
जांच में एजेंसी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि सीबीआइ पश्चिम बंगाल और ओड़िशा पुलिस से इस घोटाले से संबंधित सभी दस्तावेज हासिल करने की प्रक्रिया में है. उन्होंने कहा कि सीबीआइ निदेशक रंजीत सिन्हा ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक जीएमपी रेड्डी से मुलाकात की थी जहां उन्हें जांच में पूरी मदद का भरोसा दिया गया. सूत्रों के अनुसार सीबीआइ ने भुवनेश्वर स्थित नव दिगांत कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. कंपनी के पांच निदेशकों अंजन कुमार बलियारसिंह, कार्तिकेय परीदा, प्रदीप कुमार पटनायक, विजय बराल और हेमंत साहू को भी प्राथमिकी में नामित किया गया है.बीते 9 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को निर्देश दिया था कि वह बंगाल, ओड़िशा व असम के चिटफंड घोटाले की जांच करे. जिसमें कथित तौर पर कई कंपनियां शामिल हैं.
