श्रीरामपुर की इंडिया जूट मिल में आंशिक कार्य स्थगन, किंग्सन में तालाबंदी

कोलकाता/हुगली. जूट मिल कर्मचारियों पर संकट टलता नजर नहीं आ रहा है. बुधवार को टीटागढ़ की किंग्सन जूट मिल पर ताला लग गया. इससे डेढ़ हजार कर्मचारी बेरोजगार हो गये हैं. उधर, हुगली जिले के श्रीरामपुर में इंडिया जूट मिल प्रबंधन ने बुधवार को आंशिक कार्य स्थगन का नोटिस लगा दिया. इस जूट मिल के […]

कोलकाता/हुगली. जूट मिल कर्मचारियों पर संकट टलता नजर नहीं आ रहा है. बुधवार को टीटागढ़ की किंग्सन जूट मिल पर ताला लग गया. इससे डेढ़ हजार कर्मचारी बेरोजगार हो गये हैं. उधर, हुगली जिले के श्रीरामपुर में इंडिया जूट मिल प्रबंधन ने बुधवार को आंशिक कार्य स्थगन का नोटिस लगा दिया. इस जूट मिल के भी करीब डेढ़ हजार श्रमिकों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है.

किंग्सन जूट मिल
नुकसान का कारण दिखा कर प्रबंधन ने बुधवार को किंग्सन जूट मिल बंद कर दिया. मिल के गेट पर संस्पेशन ऑफ वर्क्‍स का नोटिस देख कर सुबह काम पर आये श्रमिकों में रोष फैल गया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने मनमाने तरीके से मिल को बंद किया है. मांग के मुताबिक उत्पादन न देने की वजह से मिल में नुकसान होने के प्रबंधन के आरोप को श्रमिकों ने बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधन मशीन में डाला जाने वाला तेल और अन्य उपकरण नहीं मुहैया करा पा रहा था, इसकी वजह से सुचारू उत्पादन में दिक्कत हो रही थी. श्रमिकों ने तत्काल मिल खोलने की मांग में बीटी रोड पर जाम लगा दिया. उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया. टीटागढ़ थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को काबू में किया. मिल के गेट पर पुलिस तैनात कर दी गयी है. तृणमूल श्रमिक नेता ओम प्रकाश गौड़ ने कहा कि मिल चलाने की जिम्मेदारी नेशनल जूट मिल कारपोरेशन की है, फिर भी राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की जायेगी. श्रमिक यूनियनों ने मिल के तत्काल न खुलने पर बड़े आंदोलन पर जाने की धमकी दी. गौरतलब है कि पिछले कुछ महीने में उत्तर 24 परगना जिले में कई मिलें बदं हुई हैं. क्रिसेंट जूट मिल हाल ही में बंद हुई है.

इंडिया जूट मिल
जानकारी के मुताबिक बुधवार की सुबह कुछ समस्याओं को लेकर इंडिया जूट मिल के हाथ सिलाई विभाग के श्रमिक हड़ताल पर बैठे थे. कुछ घंटे बाद ही प्रबंधन की ओर से मिल के मुख्य द्वार पर हाथ सिलाई विभाग समेत पूरे वीविंग विभाग में कार्य स्थगन का नोटिस लगा दिया गया. वीविंग विभाग में कार्य स्थगन के नोटिस के बाद मिल के अन्य विभागों में भी काम प्रभावित रहा. सीटू, इंटक समेत सात श्रमिक संगठनों ने प्रबंधन के इस कदम का विरोध किया है. मिल के डिप्टी सीइओ अमलेश मिश्र का कहना है कि श्रमिकों की हड़ताल के कारण कार्य प्रभावित हो रहा था. यही वजह है कि प्रबंधन को वेविंग विभाग में कार्य स्थगन का फैसला लेने के लिये मजबूर होना पड़ा. सूत्रों के अनुसार इस मसले को लेकर बुधवार की शाम को मिल प्रबंधन के अधिकारियों के बीच एक बैठक भी हुई.

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