कोलकाता: आइआइटी खड़गपुर जल्द ही नयी ‘क्रेडिट आधारित व्यवस्था ’ शुरू करेगा जिससे छात्रों को चार वर्षीय बीटेक पाठ्यक्रम साढ़े तीन साल में पूरा करने की आजादी होगी. आइआइटी खड़गपुर के निदेशक पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती ने कहा कि प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए पहले से निर्धारित क्रेडिट होंगे जिससे छात्रों को अपने मुताबिक अपना पाठ्यक्रम पूरा करने की छूट होगी.
जो जल्दी पूरा करना चाहते हैं वे छह महीने पहले अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकते हैं तथा जो एक वर्षीय इंटर्नशिप पर जाना चाहते हैं वे बीच में इसके लिये जा सकते हैं और फिर लौट कर आ कर अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि संस्थानों के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का आधुनिकीकरण करने की अकादमिक समीक्षा के हिस्से के तौर पर नयी व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से 2016 से शुरू होगी. प्रोफेसरों ने कहा कि ऐसा देखा गया है कि कई छात्र अपने पाठ्यक्रम के दौरान उद्यमिता को लेकर उलझन में रहते हैं और उन्हें अपना काम शुरू करने में समय की जरूरत होती है. श्री सिंह ने कहा कि अपने उद्यम के लिए वे (छात्र) अध्ययन से ब्रेक ले सकते हैं.
दूसरे वे हैं जो लंबी उद्यमिता के लिए इंडस्ट्री में मौका चाहते हैं, जिससे कि रोजगार की संभावना बढ़े और उनकी योग्यता में भी इजाफा हो. नयी व्यवस्था में हर किसी के लिए मौका होगा. अमेरिका में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) सहित दुनिया के आला 20 विश्वविद्यालयों में बेहतरीन चीजों के बारे में प्रोफेसरों की एक टीम ने अध्ययन किया है. फिलहाल, आइआइटी में हरेक पाठ्यक्रम निर्धारित वर्षों तक पढ़ाया जाता है और इसे छह महीने के लंबे सेमेस्टर में बांटा गया है.
नयी व्यवस्था के वजूद में आने के बाद से आइआइटी खड़गपुर में निर्धारित अवधि में पाठ्यक्रम पूरा करने की बाध्यता खत्म हो जायेगी. संचालक मंडल के अध्यक्ष श्रीकुमार बनर्जी ने कहा कि मानविकी, प्रबंधन और नीति शास्त्र के अतिरिक्त विषयों के साथ ही विशेषज्ञता, माइक्रो विशेषज्ञता और कुछ बुनियादी पाठ्यक्रम होंगे.
ज्यादा समय भी मिलेगा
अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रम के डीन राजेंद्र सिंह ने बताया कि अगर बीटेक छात्रों को कुछ और समय की जरूरत होगी तो उन्हें आठ साल तक दिये जायेंगे जबकि पांच वर्षीय दोहरी डिग्री का पाठयक्रम सात साल में पूरा किया जा सकता है.
