परिजनों को नहीं आया फिरौती का कोई कॉल

पुलिस जांच अधिकारी बनाये गये हैं रूपनारायणपुर फांड़ी प्रभारी खंगाले जा रहे उनके तीन-तीन मोबाइल फोनों के कॉल डिटेल्स कार चालक सीमावर्ती कुमारधुबी का निवासी, परिजन है परेशान आसनसोल/ बराकर : सालानपुर थाना क्षेत्र के नेकड़ाजोड़िया इलाके से उद्योगपति तेजपाल सिंह (24) अपहरण कांड के दूसरे दिन गुरूवार को पुलिस ने मोबाईल फोन के कॉल […]

पुलिस जांच अधिकारी बनाये गये हैं रूपनारायणपुर फांड़ी प्रभारी

खंगाले जा रहे उनके तीन-तीन मोबाइल फोनों के कॉल डिटेल्स
कार चालक सीमावर्ती कुमारधुबी का निवासी, परिजन है परेशान
आसनसोल/ बराकर : सालानपुर थाना क्षेत्र के नेकड़ाजोड़िया इलाके से उद्योगपति तेजपाल सिंह (24) अपहरण कांड के दूसरे दिन गुरूवार को पुलिस ने मोबाईल फोन के कॉल डिटेल्स रिपोर्ट (सीडीआर) के आधार पर जांच आगे बढ़ाई. उद्योगपति जोगिंदर सिंह ने अपने पुत्र के अपहरण की प्राथमिकी सालानपुर थाने में दर्ज की है.
शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 365 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. जांच का दायित्व रूपनारायणपुर फांडी के प्रभारी सिकंदर आलम को सौंपा गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में पीड़ित परिजनों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है. इससे जांच में कठिनाई हो रही है. श्री सिंह के साथ अपहृत कार चालक तथा कुमारधुबी सिउलीबाड़ी निवासी अपहृत रवि कुमार की पिछली जिंदगी को भी पुलिस खंगाल रही है.
अपहृत श्री सिंह और उनके कार चालक के मोबाइल फोन का अंतिम टॉवर लोकेशन कुल्टी में पाया गया है. दोनों के पास कुल तीन मोबाइल फोन थे. सभी फोन के नंबर पर अंतिम काल 11 बजे आया था. उसके बाद से कोई फोन उन नंबरों पर नहीं आया. है. गुरुवार को बराकर स्थित श्री सिंह के आवास पर उनके रिश्तेदार और शुभचिंतकों का आना जाना लगा रहा. अभी तक फिरौती मांगे जाने का कोई कॉल नहीं आया है.
सनद रहे कि आसनसोल एलॉय स्टील प्राइवेट लिमिटेड कारखाना के मालिक व उद्योगपति जोगिंदर सिंह के इकलौता पुत्र तेजपाल सिंह प्रतिदिन की तरह बुधवार की सुबह 11 बजे सालानपुर थाना क्षेत्र के नेकड़ाजोड़िया इलाके में स्थित कारखाना में कार से जा रहा था. कारखाना गेट से मात्र सौ मीटर की दूरी पर ही उनका तथा कार चालक का कार के सात अपहरण हो गया. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच के क्रम में गाड़ी को झारखंड के सीमावर्ती थाना निरसा अंतर्गत कंचनडीह इलाके से बरामद किया. एनएच दो पर यह गाड़ी लावारिस पड़ी थी. पीड़ित के पिता श्री सिंह की शिकायत पर सालानपुर थाना में अपहरण का मामला दर्ज किया गया.
अपहरण के बाद से ही तीनों मोबाइल बंद
किसी भी आपराधिक घटना में जांच की पहली कड़ी मोबाइल फोन से शुरू होती है. इसी कड़ी में पुलिस ने सबसे पहले अपहृत श्री सिंह और उसके चालक का मोबाइल नंबर का सीडीआर निकाला. चालक के पास एक और श्री सिंह के पास दो मोबाइल फोन थे. सीडीआर में मोबाइल फोन के नंबर पर अंतिम काल 11 से 11:05 बजे आया था. टॉवर लोकेशन कुल्टी का था. उसके बाद से किसी भी नंबर पर फोन आने का कोई रिकार्ड नहीं मिला है. पुलिस सभी फोन के ईएमआई नंबर निकाल कर भी जांच कर रही है कि शायद इस फोन का उपयोग दूसरा कोई सिम लगाकर तो नहीं किया जा रहा है. यदि ऐसा होता है तो उस मोबाइल फोन का टॉवर लोकेशन पुलिस को प्राप्त हो जायेगा.
आपराधिक गिरोह प्रोफेशनल
प���लिस का मानना है कि कांड में शामिल अपराधी प्रोफेशनल गैंग के हैं. इनलोंगों ने संभवतः कांड को अंजाम देने के दौरान अपने मोबाइल फोन का उपयोग नहीं किया होगा. यदि इनके पास फोन होगा तो भी वह स्विच ऑफ होगा. अपहरण करते ही उनलोगों ने अपहृत के पास से बरामद सभी फोन स्विच ऑफ कर दिया. ताकि फोन के आधार पर पुलिस उनतक न पहुंच सके.
अपहृत के घर पर पहुंचे काफी लोग
उद्योगपति श्री सिंह के इकलौते पुत्र के अपहरण की खबर सुनकर गुरुवार को उनके बराकर स्थित आवास पर उनके रिश्तेदार सहित व्यवसायी और अनेकों गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के लोग उनसे मिलने पहुंचे. जिसमें परबेलिया गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान मलकीत सिंह पप्पू, रूपनारायणपुर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान जगजीत सिंह, सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान तेजेन्द्र सिंह बल, हेमकुंड सेवा सोसाइटी के देवेन्द्र मल्होत्रा, निरसा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के मंजीत सिंह सहित भारी संख्या में लोग उनसे मिले और उन्हें सांत्वना दी. अपहृत पुत्र के वियोग में उनकी मां का रो-रो कर हाल काफी बुरा है. हर कोई अपने स्तर से उन्हें इस दु:ख की घड़ी में सांत्वना दे रहा है.
कार चालक की कुंडली खंगाल रही पुलिस
अपहृत श्री सिंह के साथ अपहृत उनके कार चालक रवि कुमार की कुंडली पुलिस खंगाल रही है. वह श्री सिंह का कार चालक बनने से पूर्व एक अन्य कारखाने में कार चलाया करता था. वहां से नौकरी छोड़कर वह श्री सिंह के पास आया है. प्रारंभिक जांच में पुलिस को उसके खिलाफ किसी प्रकार की कोई आपराधिक कांड से जुड़े होने के कोई सबूत नहीं मिला है. इसके बावजूद पुलिस उसकी हर गतिविधि को खंगाल रही है.

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