कोलकाता: हिमालय के ग्लेशियरों की स्थिति मजबूत होने के बावजूद, आगामी दशकों में गंगा, ब्रहमपुत्र और सिंधु जैसी नदियों में जलापूर्ति में बढोत्तरी होगी. एक नये अनुसंधान में यह बात कही गई. यह अनुसंधान ‘फ्यूचर वाटर’, हालैंड की ‘उतरेट यूनीवर्सिटी’ और काठमांडो के ‘इंटरनेशनल सेंटर फार इंटीग्रेटिड माउंटेन डेवलपमेंट’ संगठनों द्वारा संयुक्त रुप से किया गया.
अनुसंधानकर्ता आर्थर लुट्ज ने आज एक बयान में कहा, ‘‘हमारे नतीजे दिखाते हैं कि ग्लेशियरों की स्थिति मजबूत होने के बावजूद नदी की धारा में कम से कम 2050 तक इजाफा होगा.’’ अनुसंधानकर्ताओं ने कहा, ‘‘सिंधु नदी को जल देने वाले ग्लेशियर वैसे तो मजबूत हो रहे हैं लेकिन वे उच्च तापमान के कारण आगामी दशकों में बर्फ के पिघलने से बने पानी की मात्रा में बढोत्तरी करेंगे. अन्य नदियों में जलधारा में बढोत्तरी का मुख्य कारण (ग्लेशियर का) तेजी से पिघलना है.’’ वैज्ञानिकों के समूह ने सिंधु, गंगा, ब्रहमपुत्र, सलवीन और मेकांग नदियों के लिए ग्लेशियर के पिछलने के महत्व का आकलन किया और पता किया कि आगामी दशकों में जलवायु परिवर्तन नदी की धारा को किस तरह से प्रभावित करेगा.
