मंगलवार रात तस्लीमा के पिता को उसकी मौत की खबर मिली़ खबर मिलते ही ससुराल जा कर देखा तो उसे कब्र में दफनाने की तैयारी की जा रही है़ तस्लीमा के भाई ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी बहन को गला दबा कर हत्या की गयी है़ उसके बाद तस्लीमा के पति व ससुरालवालों के खिलाफ बशीरहाट थाना में शिकायत दर्ज करायी गयी. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है़ पुलिस शव को कब्जे लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया़ पुलिस घटना से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है़
निर्ममता: शादी के बाद चार साल में तीन कन्या को दिया जन्म, बेटा नहीं जनने पर हत्या
कोलकाता. बेटा को जन्म नहीं देने के कारण गृहवधू की हत्या का मामला सामने आया है. हत्या का आरोप पति व ससुरालवालों पर लगा है. मृतका नाम तस्लीमा बीबी बताया गया है. उसने विवाह के चार वर्षों तीन कन्याओं को जन्म दिया था. आरोप है कि तीसरी पुत्री के जन्म के बाद से ससुरालवालों का […]

कोलकाता. बेटा को जन्म नहीं देने के कारण गृहवधू की हत्या का मामला सामने आया है. हत्या का आरोप पति व ससुरालवालों पर लगा है. मृतका नाम तस्लीमा बीबी बताया गया है. उसने विवाह के चार वर्षों तीन कन्याओं को जन्म दिया था. आरोप है कि तीसरी पुत्री के जन्म के बाद से ससुरालवालों का जुल्म बढ़ गया था. यह घटना उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट थाना क्षेत्र के चांपाडांगा इलाके में घटी. मृत महिला के परिजनों ससुरालवालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है.
पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसके पति कबीर मंडल को गिफ्तार कर लिया है. उसे बशीरहाट अदालत में पेश करने पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए उसे दो दिनों की पुलिस हिरासत में रखने का निर्देश दिया.
प्राप्त खबरों के अनुसार, आठ वर्ष पहले बशीरहाट के चांपाडांगा निवासी कबीर मंडल की शादी देगंगा के चटबेडिया निवासी तस्लीमा से हुई थी. शादी के चार सालों के भीतर तस्लीमा ने तीन कन्या संतान को जन्म दिया. तीसरी संतान को जन्म देने के बाद से ही दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था़.
तस्लीमा के मायकावालों का आरोप है कि कन्या संतान को जन्म के कारण उसके ससुरालवाले उस पर अपने पिता के घर से रुपये लाने का दबाव बनाया करते थे़ बेटी की हालत को देखते हुए उनकी मांग को कई बार पूरा किया, लेकिन अार्थिक स्थिति खराब होने के कारण इस बार उनकी मांग पूरा न होने पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा था़.