फौज में नौकरी देने के नाम पर लाखों रुपये का लगाया चूना
गोलाबाड़ी थाना क्षेत्र की घटना
हावड़ा : फौज में नौकरी का प्रलोभन देकर युवकों से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने दंपती सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनेक नाम कृष्णा सिंह, उपेंद्र सिंह व रीना सिंह हैं. शुक्रवार को पुलिस ने सभी आरोपियों को हावड़ा अदालत में पेश किया.
न्यायाधीश ने तीनों को आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. तीनों पर करीब 11 लाख रुपये की ठगी का आरोप है. यह मामला गोलाबाड़ी थाना क्षेत्र स्थित भैरव दत्ता लेन इलाके की है.
पुलिस ने बताया कि अप्रैल 2017 में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी जय प्रकाश यादव, बृजेश सिंह यादव, जीतू कुमार की मुलाकात कृष्णा सिंह से हुई. कृष्णा ने खुद को भारतीय सेना का जवान बताया.
यह कभी कहा कि उसकी पहुंंच सेना के उच्च अधिकारियों तक है. उसने कई युवकों को सेना में नौकरी भी दिलायी है. यह सुनकर तीनों युवक उसके झांसे में आ गये. कृष्णा ने तीनों युवकों को गोलाबाड़ी थाना अंतर्गत भैरव दत्ता लेन स्थित एक अपार्टमेंट में बुलाया. यहां उपेंद्र सिंह और रीना सिंह से मुलाकात करायी. दंपती ने खुद को मानवाधिकार संगठन का अधिकारी बताया.
अपार्टमेंट में इनके बीच एक बैठक हुई. इसके बाद कृष्णा ने तीनों युवकों से मार्कशीट और सर्टिफिकेट मांगा. तीनों ने मार्कशीट एवं सर्टिफिकेट की मूल प्रति कृष्णा को सौंप दी. फिर प्रत्येक युवक को तीन लाख 75 हजार रुपये जमा करने को कहा गया. इसके लिए उन्हें रीना सिंह एवं सद्दाम अंसारी के बैंक अकाउंट नंबर दिये गये. प्रत्येक युवक ने साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक रीना के बैंक अकाउंट में जमा कर दिये. कुछ दिन बीत जाने के बाद भी युवकों को नौकरी नहीं मिली. तीनों फिर उपेंद्र सिंह के घर पहुंचे. इस पर उनसे और रुपये की मांग की गयी.
युवकों के इंकार करने पर उन्हें गोलबाड़ी स्थित एक फ्लैट में बंधक बना कर रखा गया और पीटा गया. जान से मारने की धमकी दी गयी. गुरुवार रात 10 बजे तीनों युवक वहां से भागने में सफल रहे. वे गोलाबाड़ी थाना पहुंचे व घटना की शिकायत दर्ज करायी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दंपती समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. इस जालसाजी में कोई आैर शामिल है कि नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन्होंने और कितने युवकों को ठगा है.
जफर अजमल किडवई, डीसी(उत्तर)
