बाढ़ पीड़ितों ने की राहत शिविर में तोड़फोड़, लूटपाट
मालदा: बाढ़ पीड़ितों को समय पर राहत सामग्री नहीं मिलने से कुछ आक्रोशित लोगों ने राहत शिविर में तोड़फोड़ करने के अलावा जरूरी सामान लूट लिये. उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. आरोप है कि पुलिस ने प्राकृतिक आपदा के मारे लोगों पर बेवजह लाठियां बरसाने के अलावा हवाई […]
मालदा: बाढ़ पीड़ितों को समय पर राहत सामग्री नहीं मिलने से कुछ आक्रोशित लोगों ने राहत शिविर में तोड़फोड़ करने के अलावा जरूरी सामान लूट लिये. उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. आरोप है कि पुलिस ने प्राकृतिक आपदा के मारे लोगों पर बेवजह लाठियां बरसाने के अलावा हवाई फायर भी किया. यह घटना मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर दो नंबर प्रखंड के बीडीओ ऑफिस की है.
उधर, इसी रोज हरिश्चंद्रपुर थाना परिसर में एक ट्रक में राहत सामग्री रखी गयी थी.
वहीं से बाढ़पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण किया जाना था. इसके लिये गुरुवार की सुबह से हजारों लोग थाने में जमा हुए थे. लंबी लाइन के चलते वहां भीड़ अनियंत्रित हो गई. वहां भी आक्रोशित कुछ लोगों ने लूटपाट कर तोड़फोड़ की. मजबूरन पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिये आंसू गैस के गोले दागने पड़े. दोनों ही घटनाएं गुरुवार की दोपहर को घटी हैं.
उल्लेखनीय है कि विगत चार रोज से हरिश्चंद्रपुर के दो प्रखंडों के इलाके फूलहार नदी में आयी बाढ़ की चपेट में हैं. उसके चलते बुधवार की दोपहर से हरिश्चंद्रपुर के साथ जिला सदर का संपर्क कट गया था. यहां तक कि महकमा सदर चांचल के साथ भी ब्लॉक का संपर्क टूट गया था. इसके चलते प्रशासन के लिये भी प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाना एक चुनौती बनी हुई थी. वहीं, बुधवार की दोपहर को हरिश्चंद्रपुर में प्रवेश करने वाले पिपला गांव के निकट बांगरुआ सेतु बाढ़ में बह गया. इस सेतु के ध्वस्त होने के बाद हरिश्चंद्रपुर अन्य इलाकों से कट गया है. सूत्र के मुताबिक, प्रखंड की 15 ग्राम पंचायतों के करीब दो लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं.
इस वजह से सदर शहर से हरिचंद्रपुर कट गया है. हरिश्चंद्रपुर-2 प्रखंड के बीडीओ कृष्णचंद्र दास ने बताया, इस रोज करीब एक हजार बाढ़ प्रभावित लोगों ने राहत वितरण को लेकर विरोध जताया है. कुछ लोगों ने खिड़कियां, दरवाजे, कुर्सियां, मेज आदि क्षतिग्रस्त किये हैं. ऑफिस के जरूरी सामान, राहत सामग्री लूट लिये गये हैं.
यहां तक कि कुछ लोग राहत शिविर से गैस सिलेंडर, आईसीडीएस में रसोई बनाने वाले सामान लेकर चले गये. पुलिस से इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है. वहीं, बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि जब पंचायत से कहा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें देने के लिए दफ्तर में कुछ भी नहीं है. इसी वजह से कुछ ग्रामीणों ने तोड़फोड़ की. इसी तरह से कुछ लोग थाने में राहत सामग्री की उम्मीद में गये थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण बाढ़ पीड़ितों पर निर्दयतापूर्वक लाठियां बरसायी हैं. बहुत से लोग जख्मी हुए हैं. यहां तक कि पुलिस ने हवाई फायर भी की है. इस घटना से बाढ़ पीड़ित और भी ज्यादा आक्रोशित हो गये.