छह बांग्लादेशी किशोर भेजे गये अपने देश

बालूरघाट. अवैध रूप से भारत में घुसनेवाले छह बांग्लादेशी किशोरों को वापस उनके देश भेज दिया गया. दोनों देशों के स्वयंसेवी संठनों की पहल पर भारत-बांग्लादेश के हाइ कमीशन के माध्यम से बांग्लादेशियों को स्वदेश लौटाया गया. काम की तलाश में या फिर गलती से कंटीले तार के इस पार आने के जुर्म में इनलोगों […]

बालूरघाट. अवैध रूप से भारत में घुसनेवाले छह बांग्लादेशी किशोरों को वापस उनके देश भेज दिया गया. दोनों देशों के स्वयंसेवी संठनों की पहल पर भारत-बांग्लादेश के हाइ कमीशन के माध्यम से बांग्लादेशियों को स्वदेश लौटाया गया. काम की तलाश में या फिर गलती से कंटीले तार के इस पार आने के जुर्म में इनलोगों को पकड़ा गया था.

जुवेनाइल कोर्ट व चाइल्ड वेलफेयर कमिटी में पेशी के बाद इनलोगों को बालूरघाट के शुभायन नामक सरकारी होम में रखा गया था. इन छह बांग्लादेशी किशोरों के नाम मोहम्मद नाजमुल हक, स्वाधीन हुसैन, सोहान शेख, मुन्ना शेख, सागर चंद्र राय व अब्दुल रहमान हैं. ये लोग बांग्लादेश के फूलबाड़ी, कुड़ीग्राम, दिनाजपुर व फरीदपुर इलाके के रहनेवाले हैं. कोई एक साल तो कोई डेढ़ साल से यहां रह रहा था. चाइल्ड लाइन नामक स्वयंसेवी संगठन ने इन बांग्लादेशी युवकों को वापस उनके देश भेजने की पहल की.

दोनों देशों के हाइ कमीशन के सहयोग से बुधवार सुबह दक्षिण दिनाजपुर जिले के हिली इमिग्रेशन चेक पोस्ट से बांग्लादेशी किशोरों को उनके परिवार के हाथों सौंप दिया गया. चेकपोस्ट पर हिली इमिग्रेशन के ओसी नसीर हुसैन, बांग्लादेशी हिली इमिग्रेशन के ओसी अकतब हुसैन, चाइल्ड लाइन के जिला कोऑर्डिनेटर सुरोज दास, जिला कानूनी परिसेवा प्रबंधन के सचिव सौमेंद्र नाथ राय, प्रोटेक्शन अफसर तरुण सामंत समेत कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे.चाइल्ड लाइन के जिला कोऑर्डिनेटर सुरोज दास ने बताया कि शुभायन नामक होम में अभी भी 30 बांग्लादेशी किशोर मौजूद हैं. इन्हें भी इनके देश भेजने की हरसंभव व्यवस्था की जा रही है.

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