Uttarakhand Forest Fire: ‘क्लाउड सीडिंग समस्या का समाधान नहीं’, सुप्रीम कोर्ट ने धामी सरकार से मांगी रिपोर्ट

Uttarakhand Forest Fire: उत्तराखंड के पौड़ी जिले में धधक रहे जंगलों की आग को बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है. इस मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट मांगी है.

Uttarakhand Forest Fire: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने जंगल की आग को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में सुप्रीम कोर्ट को बुधवार को अवगत कराया. राज्य सरकार ने कहा कि वन्यजीव क्षेत्र के 0.1 प्रतिशत हिस्से में आग लगी थी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से उचित उपाय करने का आदेश दिया. कोर्ट ने सरकार से कहा, ‘क्लाउड सीडिंग’, बारिश पर निर्भरता इसका समाधान नहीं है, आपको निवारक उपाय करने होंगे.

उत्तराखंड सरकार ने जंगल में आग की घटना को बताया मानव निर्मित

उत्तराखंड सरकार ने कोर्ट में कहा, नवंबर 2023 से आज तक जंगल में आग की 398 घटनाएं हुई हैं और सभी मानव निर्मित हैं. 350 आपराधिक मामले दर्ज, 62 व्यक्तियों को नामजद किया गया.

15 मई को होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में जंगल की आग से संबंधित मामले पर 15 मई की सुनवाई तय की. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार और याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे अपनी रिपोर्ट केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के साथ साझा करें जो इस पर गौर करेगी और अपनी राय देगी.

उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों में जंगल में आग लगने की घटनाओं में 63 प्रतिशत कमी आई

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में धधक रहे जंगलों की आग को बुझाने के लिए मंगलवार को भी हेलीकॉप्टर की मदद ली गयी. वहीं वन विभाग ने दावा किया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटों में जंगल में आग की घटनाओं में 63 प्रतिशत की कमी आयी है. छह मई को जंगल में आग की 125 घटनाएं सामने आयीं जबकि सात मई को यह कम होकर 46 रह गयीं. वन विभाग ने बताया कि जंगल में लगी आग को बुझाने का युद्धस्तर पर प्रयास किया जा रहा है, जिसमें अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम भी सहयोग कर रही है. जंगलों में आग पर काबू पाने के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली गयी, जिसने अलकनंदा नदी से बांबी बकेट में पानी भरकर आदवानी के जंगलों और आसपास के क्षेत्र में वनाग्नि प्रभावित इलाकों में छिड़काव किया.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द किए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है. राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जंगल में आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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