यूपी की शेरनी बेटी की दहाड़, आतंकियों की खुदी कब्र, विंग कमांडर व्योमिका की कहानी

Who is Vyomika Singh: सुबह साढ़े 10 बजे भारतीय सेना की हैरतअंगेज कारनामे के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने भारतीय सेना का पाकिस्तान के खिलाफ किए गए मिल्ट्री ऑपरेशन की जानकारी दी.

Who is Vyomika Singh: मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और POK के 9 आतंकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की खबर सामने आई है. 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की शुरूआत कर भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया. सुबह साढ़े 10 बजे भारतीय सेना की हैरतअंगेज कारनामे के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने भारतीय सेना का पाकिस्तान के खिलाफ किए गए मिल्ट्री ऑपरेशन की जानकारी दी. ऐसे में आइए विंग कमांडर व्योमिका सिंह के बारे में जानते हैं.

कौन हैं व्योमिका सिंह? (Who is Vyomika Singh)

ऑपरेशन सिंदूर की पूरी कहानी सामने लाने वाली एयरफोर्स विंग कमांडर व्योमिका सिंह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Vyomika singh is from which state) से ताल्लुक रखती हैं. भारतीय वायु सेना में वह एक विशेषज्ञ हेलिकॉप्टर पायलट के रूप में कार्यरत हैं. विंग कमांडर व्योमिका विशेष रूप से चेतक और चीता जैसे हेलिकॉप्टरों को दुर्गम और चुनौतीपूर्ण इलाकों में उड़ाने में माहिर हैं. वे अपने परिवार की पहली महिला सदस्य हैं, जिन्होंने पिछले 21 वर्षों से एयरफोर्स में सेवा देते हुए देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.

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6ठीं क्लास में देखा सपना

जब विंग कमांडर व्योमिका छठी कक्षा में पढ़ रही थीं, तब एक दिन किसी ने उनसे उनके नाम का अर्थ पूछा. उस दौरान उन्हें यह पता चला कि ‘व्योमिका’ का मतलब उड़ान होता है. उसी समय उन्होंने ठान लिया कि वे भविष्य में भारतीय वायु सेना का हिस्सा बनेंगी. अपने इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने स्कूल के दिनों में ही एनसीसी (NCC) जॉइन की और बाद में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए एयरफोर्स में शामिल हुईं.

25 हजार घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव

विंग कमांडर व्योमिका सिंह के पास 25,000 से अधिक घंटे का उड़ान अनुभव है, जो उन्हें भारतीय वायु सेना की सबसे अनुभवी हेलिकॉप्टर पायलटों में से एक बनाता है. उन्होंने चेतक और चीता जैसे हेलिकॉप्टरों को जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत के कठिन पर्वतीय इलाकों में सफलतापूर्वक उड़ाया है. उन्हें वर्ष 2004 में 21वें शॉर्ट सर्विस कमीशन (महिला) फ्लाइंग पायलट कोर्स के अंतर्गत एयरफोर्स में कमीशन प्राप्त हुआ था.

अरुणाचल प्रदेश में बचाव अभियान का हिस्सा रहीं

साल 2017 में प्रमोशन के बाद उन्हें विंग कमांडर का पद मिला, और 2019 में उन्हें फ्लाइंग ब्रांच में स्थायी कमीशन प्रदान किया गया. वे 2020 में अरुणाचल प्रदेश में चलाए गए एक प्रमुख बचाव अभियान का हिस्सा रहीं. इसके अलावा, 2021 में उन्होंने 21,650 फीट ऊंचे माउंट मणिरंग पर हुए पर्वतारोहण अभियान में भी भाग लिया.

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लेखक के बारे में

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

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