Varanasi Forensic University: वाराणसी में फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई और शोध को नई रफ्तार मिलने जा रही है. राजातालाब तहसील के शहंशाहपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) का नया कैंपस तैयार होगा. 50 एकड़ में बनने वाले इस परिसर की आधारशिला सात अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रख सकते हैं. करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कैंपस में आधुनिक लैब, स्मार्ट क्लासरूम और रिसर्च की सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
तीन साल में तैयार होगा नया कैंपस
वाराणसी में एनएफएसयू की पढ़ाई अगस्त से शुरू हो चुकी है. फिलहाल कक्षाएं जाल्हूपुर स्थित समेकित विद्यालय के अस्थायी परिसर में चल रही हैं. पांच वर्षीय बीएसए-एमएससी और दो वर्षीय एमएससी पाठ्यक्रम में 30-30 सीटों पर विद्यार्थियों का पहला बैच पढ़ाई कर रहा है. अब स्थायी कैंपस बनने से शैक्षणिक गतिविधियों का दायरा बढ़ेगा.
पशुपालन विभाग की जमीन पर होगा निर्माण
नया परिसर राजातालाब तहसील के शहंशाहपुर में पशुपालन विभाग की जमीन पर बनेगा. इसके लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भवन को तीन साल में तैयार करने का लक्ष्य है. यह उत्तर प्रदेश में एनएफएसयू का दूसरा कैंपस होगा.
साइबर और डिजिटल फॉरेंसिक की भी होगी पढ़ाई
कैंपस में उच्च स्तरीय फॉरेंसिक और साइबर सुरक्षा प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी. डिजिटल फॉरेंसिक और व्यवहार विज्ञान से जुड़ी रिसर्च लैब भी होंगी. विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लासरूम, सेमिनार हॉल और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी. आवासीय सुविधा के साथ प्रशिक्षण के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे.
500 से ज्यादा विद्यार्थियों के लिए बढ़ेगा दायरा
स्थायी परिसर तैयार होने के बाद नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की तैयारी है. इससे विद्यार्थियों की संख्या 500 से अधिक हो सकती है. फॉरेंसिक साइंस, साइबर इन्वेस्टिगेशन और क्रिमिनोलॉजी जैसे विषयों में पढ़ाई और प्रशिक्षण का विस्तार होगा. इससे पूर्वांचल के साथ बिहार के विद्यार्थियों को भी फॉरेंसिक क्षेत्र में शिक्षा और शोध के नए अवसर मिलेंगे.
