वाराणसी : संतों और अन्य स्थानीय लोगों द्वारा निकाले जा रहे जुलूस के दौरान बडे पैमाने पर हुई हिंसा और आगजनी में यहां आठ पुलिस वालों समेत 12 लोग घायल हो गए हैं. हिंसक झड़प के बाद शहर में मंगलवार को शांति का माहौल व्याप्त है. फिलहाल कहीं से किसी तरह की हिंसा की खबर नहीं है. हालांकि शहर में अभी भी धारा 144 लागू है. डीएम ने आज स्कूल-कॉलेज बंद रखने के ऑर्डर दिए हैं. आपको बता दें कि सोमवार की शाम बनारस में जमकर बवाल हुआ था जिसके बाद चार थानों के तहत कर्फ्यू लगा दिया गया था जिसे कुछ घंटो के बाद हटा लिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में पथराव करने, पुलिस बूथ, दुकानों और वाहनों को आग के हवाले करने के मामले में 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. स्थिति के तनावपूर्ण बने होने के कारण सोमवार रात यहां अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है.
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ली जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीती रात वाराणसी के एसएसपी आकाश कुलहरि से बात कर स्थिति की जानकारी ली और शांति सुनिश्चित करने को कहा. पुलिस सूत्रों के मुताबिक संत और अन्य स्थानीय लोगों द्वारा निकाले जा रहे जुलूस के दौरान हिंसा की स्थिति उस वक्त उत्पन्न हो गई जब भीड में से कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस वालों पर पथराव शुरू कर दिया. 21 से 23 सितंबर को धरने के दौरान हुए लाठीचार्ज का विरोध करने के लिए सोमवार को संतों, कांग्रेस विधायक अजय राय, उनकी पार्टी के अन्य नेता, भाजपा की ओर से शामिल हुए लोगों समेत हजारों लोग टाउनहॉल से दशाश्वमेघ घाट तक जुलूस निकाल रहे थे. भीड द्वारा दुकानों, पुलिस बूथ और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. सार्वजनिक संपत्ति को भी इस दौरान नुकसान पहुंचाया गया. सूत्रों ने बताया कि भीड और हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोडे. कुलहरि ने कहा कि हिंसा में आठ पुलिस वाले और अन्य चार लोग घायल हुए हैं.
लगया गया कर्फ्यू
एसएसपी ने कहा कि स्थिति को काबू में लाने के लिए वाराणसी के कई इलाकों में सोमवार शाम 4:30 बजे के आस पास कर्फ्यू लगाया गया था जो कुछ घंटों बाद हटा लिया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी तक 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मीडिया के लोगों और सीसीटीवी कैमरों द्वारा प्राप्त वीडियो फुटेज की जांच करने के बाद और लोगों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है. कुलहरि ने कहा कि कर्फ्यू चार थाना क्षेत्रों दशाश्वमेध, चौक, कोतवाली और लक्सा में लगाया गया था. पुलिस ने प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च भी किया.
आज बंद रहेंगे स्कूल एवं कॉलेज
प्रमुख सचिव (गृह) देवाशीष पांडा ने लखनऊ में कहा कि कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल को वाराणसी भेजा गया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तोडफोड, पथराव और आगजनी की इस घटना को गंभीरता से ले रही है. वहीं स्थानीय प्रशासन को अराजकतावादी तत्वों से दृढता के साथ निपटने का निर्देश भी दिया गया है. सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि जुलूस के दौरान भीड ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया जिसने बाद में आगजनी का रुप ले लिया. पूरी स्थिति को बाद में प्रभावी रुप से जिला प्रशासन द्वारा नियंत्रित किया गया. उन्होंने कहा कि अब हालात शांतिपूर्ण और नियंत्रित हैं. जिला मजिस्ट्रेट राम मणि यादव ने सोमवार की घटना के मद्देनजर वाराणसी में मंगलवार को स्कूल एवं कॉलेज बंद रखने के आदेश दिया है. घरेलू पर्यटकों समेत कुछ लोगों के सार्वजनिक शौचालयों और स्थानीय लोगों के घरों में पनाह लेने से हिंसा ने दहशत का रुप ले लिया था. वाराणसी के मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकरन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. महानिरीक्षक (वाराणसी क्षेत्र) अमरिंदर सिंह सेंगर ने कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाकों को दौरा कर स्थिति का जायजा लिया.
