BHU VC ने कहा - मुझे मंत्रालय ने नहीं किया है तलब

वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छेड़खानी को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान लाठी चार्ज मामले को लेकर एचआरडी मंत्रालय सख्त हो गया है. सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने बीएचयू के वीसी को तलब किया है. वीसी त्रिपाठी दिल्ली के लिए रवाना हो गये हैं.अंदरखाने से आ रही खबर की मानें तो जीसी त्रिपाठी को […]

वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छेड़खानी को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान लाठी चार्ज मामले को लेकर एचआरडी मंत्रालय सख्त हो गया है. सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने बीएचयू के वीसी को तलब किया है. वीसी त्रिपाठी दिल्ली के लिए रवाना हो गये हैं.अंदरखाने से आ रही खबर की मानें तो जीसी त्रिपाठी को छुट्टी पर भेजा जा सकता है लेकिन मीडिया के पूछे जाने पर वीसी जीसी त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया में चल रही यह खबर गलत है. मुझे मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने तलब नहीं किया है.

बता दें कि बीएचयू के वीसी जी सी त्रिपाठी नवंबर में रिटायर हो रहे हैं. उधर इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है और पूरी घटना के लिए बीएचयू प्रशासन को जिम्मेवार ठहराया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित छात्रा की शिकायत के साथ बीएचयू प्रशासन ने संवेदनशीलता नहीं बरती और न ही मामले को वक्त रहते संभाला.

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छुट्टी पर भेजे जा सकते हैं कुलपति, नवंबर में हो रहे हैं रिटायर
छात्र जहां बीएचयू के वीसी को हटाने की मांग कर रहे हैं वहीं कुलपति समेत बीएचयू प्रशासन बचाव की मुद्रा में आ गया है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से मामले में रिपोर्ट तलब होने के बाद कुलपति ने अपना जवाब सौंप दिया है. उधर कुलपति को हटाने की मांग जोर पकड़ते जा रही है. लेकिन कुलपति का पद एक संवैधानिक पद है लिहाजा उन्हें इस तरह से हटाया नहीं जा सकता. कुलपति की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है. लिहाजा कुलपति को हटाने के लिए उन पर लगे आरोपों की जांच और जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ही हटाया जा सकता है.बीएचयू में लाठी चार्ज की घटना को लेकर पीएमओ सख्त है. प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी योगी से बात की है.
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बीएचयू वीसी ने कहा – अगर हम हर लड़कियों की बात सुने तो यूनिवर्सिटी चला नहीं पायेंगे
इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में बीएचयू के वीसी ने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण हैं और मैं बहुत दुखी हूं लेकिन इस घटना को बाहर के लोगों ने पैदा किया है. बीएचयू में दस हजार छात्राएं पढ़ा करती है. हम अपनी तरह से पूरी कोशिश करते हैं लेकिन हर लड़की के पीछे एक सिक्योरिटी नहीं रखा जा सकता है.
विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच लगातार बढ़ती जा रही है टकराव
देश के शिक्षण संस्थान एफटीआईआई, हैदराबाद, जेएनयू, पांडिचेरी यूनिवर्सिटी हर जगह से छात्रों और विश्वविद्यालय के बीच टकराव की खबर आ रही है. केंद्र सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है क्योंकि सरकार की छवि खराब हो रही है. वहीं आज भी सोशल मीडिया में बीएचयू का मसला जोर – शोर से छाया रहा. लोगों ने वीसी को हटाने की मांग की.

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