UP Weather: अगस्त की विदाई के साथ उत्तर प्रदेश में मानसून अभी कमजोर पड़ता नजर नहीं आ रहा है. सितंबर के शुरुआती दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 1 से 5 सितंबर तक भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिमी यूपी में भी 31 अगस्त से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
सितंबर की शुरुआत में बारिश से राहत नहीं
मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान से साफ है कि सितंबर की शुरुआत बारिश के लिहाज से सक्रिय रह सकती है. पूर्वी यूपी में 31 अगस्त को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है. इसके बाद 1 सितंबर से 5 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. इस दौरान नदियों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी. लगातार बारिश की स्थिति में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है.
क्या पूरे सितंबर में होगी ज्यादा बारिश?
यहां तस्वीर थोड़ी अलग है. सितंबर के पूरे महीने के लिए अभी से यह कहना सही नहीं होगा कि प्रदेश में लगातार सामान्य से ज्यादा बारिश होगी. मानसून की गतिविधि कुछ दिनों में तेज और कुछ समय में कमजोर हो सकती है. IMD का विस्तारित पूर्वानुमान भी बताता है कि मौसम की सक्रियता सप्ताह-दर-सप्ताह बदल सकती है. यानी सितंबर को 'पूरी तरह बारिश वाला महीना' या 'पूरी तरह सूखा महीना' मानना जल्दबाजी होगी. फिलहाल उपलब्ध पूर्वानुमान में महीने की शुरुआत बारिश के लिहाज से सक्रिय दिखाई दे रही है.
मानसून की वापसी कब शुरू होगी?
सितंबर मानसून के अंतिम चरण का महीना होता है. IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी सामान्य तौर पर सितंबर की शुरुआत के बाद शुरू होने की परिस्थितियां बनाती है, लेकिन इसके लिए लगातार करीब पांच दिनों तक बारिश की गतिविधि में कमी समेत कई मौसमी संकेतों को देखा जाता है. इसका मतलब यह है कि सितंबर शुरू होते ही यूपी से मानसून की विदाई मान लेना सही नहीं होगा. प्रदेश में बारिश के दौर इसके बाद भी देखने को मिल सकते हैं.
किसानों के लिए कैसा रहेगा सितंबर?
सितंबर की शुरुआती बारिश खरीफ फसलों के लिए कई इलाकों में उपयोगी साबित हो सकती है, लेकिन लगातार या बहुत तेज बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है. खासकर धान और अन्य खरीफ फसलों वाले क्षेत्रों में बारिश की मात्रा और अंतराल दोनों महत्वपूर्ण रहेंगे.
इस बार सितंबर का मौसम कैसा रहने वाला है?
कुल मिलाकर देखें तो सितंबर की शुरुआत उत्तर प्रदेश में बारिश वाली रहने के संकेत दे रही है. पूर्वी यूपी में 31 अगस्त के बाद लगातार कई दिनों तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि पश्चिमी यूपी में भी बारिश की गतिविधि बनी रहने की संभावना है. हालांकि, पूरे सितंबर में बारिश सामान्य से अधिक होगी या कम, इसका अंतिम आकलन अभी शुरुआती चरण में है. मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान को देखते हुए बारिश में उतार-चढ़ाव और मानसून की धीरे-धीरे कमजोर होती गतिविधि को ध्यान में रखना ज्यादा उचित होगा.
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