UP Weather: उत्तर प्रदेश में बाढ़ के बीच मौसम एक बार फिर मुश्किलें बढ़ाने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र ने 1 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, बलिया समेत कई जिलों में पहले से बाढ़ के हालात बने हुए हैं. ऐसे में अगले 24 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं.
पूर्वी यूपी में ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के मुताबिक 1 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है. वहीं कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. पश्चिमी यूपी में भी कई जगह बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है.
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है.
चित्रकूट से प्रयागराज तक बाढ़ की मार
यूपी में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने पहले ही कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं. चित्रकूट में मंदाकिनी, प्रयागराज में गंगा-यमुना और वाराणसी में गंगा का जलस्तर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. चित्रकूट में बाढ़ से कई परिवार प्रभावित हुए हैं और मकानों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है.
वाराणसी और प्रयागराज में बढ़ी चिंता
वाराणसी में गंगा के बढ़े जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है. प्रयागराज में भी आबादी वाले इलाकों तक पानी पहुंचने से परेशानी बढ़ी है. ऐसे समय में फिर भारी बारिश का पूर्वानुमान प्रशासन और बाढ़ प्रभावित लोगों की चिंता बढ़ा रहा है.
अगले 24 घंटे क्यों अहम?
लखनऊ मौसम केंद्र के 1 सितंबर के बुलेटिन के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर बना रह सकता है, जबकि शुरुआती 24 घंटे में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है. पश्चिमी यूपी में भी 1 से 5 सितंबर के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है.
2 और 3 सितंबर को भी बारिश से राहत नहीं
मौसम विभाग ने 2 सितंबर को भी पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. 3 सितंबर को भी दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. 4 और 5 सितंबर को पश्चिमी यूपी में भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है.
बिजली गिरने का भी खतरा
बारिश के साथ कई जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है. चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, बलिया, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में वज्रपात को लेकर विशेष सावधानी की जरूरत है.
1 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का हाल
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 1 जून से 1 सितंबर तक पूर्वी यूपी में 572.4 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य 634.5 मिमी से करीब 10 फीसदी कम है. वहीं पश्चिमी यूपी में 570.5 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 552.2 मिमी के मुकाबले करीब 3 फीसदी अधिक है. पूरे प्रदेश में इस अवधि में 571.6 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य 600.2 मिमी से करीब 5 फीसदी कम है.
बाढ़ के बीच बारिश ने बढ़ाई चुनौती
यूपी के कई जिलों में बाढ़ और बारिश का असर पहले से बना हुआ है. गंगा, यमुना, घाघरा और मंदाकिनी समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से तटवर्ती इलाकों में खतरा बना हुआ है. ऐसे में मौसम विभाग की नई चेतावनी के बाद बाढ़ प्रभावित जिलों में अगले 24 घंटे प्रशासन के लिए खास तौर पर चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.
