UP News: उत्तर प्रदेश के गांवों में स्कूल, शौचालय और सड़कों की स्थिति को लेकर एक भावुक अपील सोशल मीडिया पर सामने आई है. अपील में प्रदेश के बच्चों और अभिभावकों से अपने-अपने गांवों की वास्तविक तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने को कहा गया है. इसका उद्देश्य गांवों की जमीनी स्थिति को देश के सामने लाना बताया गया है.
स्कूल और शौचालयों की तस्वीरें साझा करने की अपील
अपील में कहा गया है कि अभिभावक और बच्चे अपने गांव के स्कूलों, वहां के शौचालयों और वर्षों से टूटी-फूटी सड़कों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करें. साथ ही कस्बों की स्थिति को भी सामने लाने की बात कही गयी है. अपील करने वाले का कहना है कि इन तस्वीरों के जरिए देशवासियों को यह देखने का मौका मिलेगा कि 79 वर्षों में गांवों में वास्तविक बदलाव कितना हुआ है.
पूर्वांचल के गांवों का किया जिक्र
अपील में पूर्वांचल के गांवों की स्थिति का विशेष तौर पर उल्लेख किया गया है. कहा गया है कि हाल ही में पूर्वांचल के कुछ गांवों में जाने का मौका मिला, जहां सड़कों की हालत इतनी खराब है कि लोगों के लिए चलना तक मुश्किल हो गया है. लंबे समय से जर्जर सड़कों के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को सामने लाने के लिए स्थानीय लोगों से अपनी तस्वीरें और अनुभव साझा करने की अपील की गई.
'इवेंट शो से आगे बढ़कर जमीनी हकीकत पर ध्यान देने की जरूरत'
अपील में केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा गया है. इसमें आरोप लगाया गया है कि पिछले 10 वर्षों में जमीनी स्थिति काफी खराब हुई है. कहा गया कि सरकार की ओर से बड़े-बड़े इवेंट और कार्यक्रम तो होते रहे, लेकिन गांवों की वास्तविक समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया. अपील के अंत में लोगों से अपने आसपास की तस्वीरें सामने लाने का आग्रह किया गया है, ताकि विकास के दावों के बीच गांवों की वास्तविक स्थिति भी देश के सामने आ सके.
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