चीनी के बढ़ते दामों के बीच राहत की खबर, यूपी अकेला पूरे देश को चीनी खिला सकता है, सप्लाई को तैयार

उत्तर प्रदेश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है, बल्कि सरप्लस स्टॉक मौजूद है. मंत्री के अनुसार, यूपी अकेला पूरे देश को चीनी की आपूर्ति करने में सक्षम है.

UP Sugar News : उत्तर प्रदेश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है. इस समय यूपी में करीब 179 लाख मीट्रिक टन चीनी उपलब्ध है, जबकि प्रदेश की मासिक खपत करीब चार लाख मीट्रिक टन है. मंत्री के मुताबिक, राज्य के पास करीब 150 लाख मीट्रिक टन चीनी सरप्लस है. उन्होंने कहा कि चीनी की कमी को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. उत्तर प्रदेश जरूरत पड़ने पर पूरे देश में चीनी की आपूर्ति करने के लिए तैयार है.

90 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा हुआ उत्पादन

गन्ना मंत्री ने बताया कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश में भी 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उत्पादन हुआ है. राज्य में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और 15 अक्टूबर से नया पेराई सत्र भी शुरू होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि नए पेराई सत्र के शुरू होने के बाद चीनी का उत्पादन और बढ़ेगा. ऐसे में प्रदेश में चीनी की कमी की कोई संभावना नहीं है.

केंद्र से कोटा जारी करने की मांग

मंत्री ने बताया कि चीनी का कोटा केंद्र सरकार की ओर से जारी किया जाता है. यूपी सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर पूरे देश में चीनी की आपूर्ति करने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार कोटा जारी करती है तो उत्तर प्रदेश के पास मौजूद अतिरिक्त चीनी को देश के दूसरे हिस्सों में भी भेजा जा सकता है.

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त निर्देश

चीनी की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी रोकने के लिए सरकार ने स्टॉक की सीमा भी तय की है. मंत्री के मुताबिक, किसी भी कारोबारी को 30 दिन से अधिक अवधि तक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी. वहीं, चीनी डीलर 400 टन से अधिक स्टॉक नहीं रख सकेंगे. बल्क कंज्यूमर को अधिकतम 10 मीट्रिक टन चीनी का भंडारण 15 दिनों तक करने की अनुमति होगी. मासिक कोटे वाले कारोबारियों के लिए भी स्टॉक रखने की अवधि सात दिन निर्धारित की गई है.

डीएम को दिए गए कालाबाजारी रोकने के निर्देश

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिए हैं कि किसी भी कीमत पर चीनी की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए. सरकार की नजर अब चीनी के स्टॉक, सप्लाई और बाजार में कीमतों पर है. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी के जरिए कृत्रिम रूप से कीमतें न बढ़ाई जाएं.

चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण

चीनी की कीमतों में तेजी को लेकर मंत्री ने कहा कि इसके कई कारण हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले कोटे में देरी भी कीमतों पर असर डाल सकती है. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे युद्ध का भी चीनी की कीमतों पर कुछ प्रभाव पड़ता है. हालांकि, उन्होंने दोहराया कि यूपी में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है.

गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान का दावा

गन्ना मंत्री ने चीनी उत्पादन बढ़ने का श्रेय प्रदेश के किसानों को भी दिया. उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर गन्ने का भुगतान मिलने से उनमें उत्साह बढ़ा है. मंत्री के मुताबिक, 2002 से 2017 के बीच 15 वर्षों में किसानों को करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया गया था. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में करीब नौ वर्षों में किसानों के खातों में 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान मिलने से गन्ने की पैदावार बढ़ी है और आने वाले समय में भी उत्पादन पर्याप्त रहने की उम्मीद है.

यूपी अकेला पूरे देश को चीनी खिला सकता है

गन्ना मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चीनी का इतना भंडार मौजूद है कि राज्य पूरे देश को चीनी की आपूर्ति कर सकता है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है. मंत्री ने किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत से चीनी का उत्पादन लगातार मजबूत हुआ है. वहीं, सरकार का दावा है कि पर्याप्त स्टॉक और नए पेराई सत्र के चलते आने वाले दिनों में भी चीनी की उपलब्धता बनी रहेगी.

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By रवि रंजन कुमार

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