UP Siddharthnagar Karim News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के कक्षा पांच में पढ़ने वाले छात्र करीम की कहानी उनके अटूट हौसले और संघर्ष की एक मिसाल पेश करती है. दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद करीम पढ़ाई में बेहद होनहार हैं और भविष्य में डॉक्टर बनकर गरीबों, जरूरतमंदों तथा असहाय लोगों का इलाज करना चाहते हैं. हालांकि, परिवार की आर्थिक तंगी और शारीरिक लाचारी उनके इस सपने के रास्ते में कई मुश्किलें खड़ी कर रही है.
ट्राइसाइकिल नहीं होने से स्कूल पहुंचने में परेशानी
करीम को स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है. इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल नहीं होने के कारण उनके लिए स्कूल तक पहुंचना मुश्किल है. सामने आई जानकारी के अनुसार, कीचड़ और पानी से भरे रास्तों के कारण परेशानी और बढ़ जाती है. ऐसे में करीम की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.
प्रशासन और मुख्यमंत्री से मदद की अपील
करीम की ओर से स्कूल आने-जाने के लिए ट्राइसाइकिल की मांग की गई है. साथ ही प्रशासन और मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई गई है. सोशल मीडिया पर भी करीम की स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की अपील की जा रही है, ताकि छात्र को स्कूल पहुंचने में सहूलियत मिल सके.
मुश्किलों के बावजूद डॉक्टर बनने का सपना
परिवार की आर्थिक स्थिति और शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद करीम पढ़ाई के प्रति उत्साहित हैं. वह पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहते हैं और गरीब व असहाय लोगों की सेवा करने का सपना देखते हैं. करीम के लिए एक ट्राइसाइकिल स्कूल तक पहुंचने में मददगार साबित हो सकती है, जिससे वह अपनी पढ़ाई जारी रखकर अपने डॉक्टर बनने के सपने की ओर आगे बढ़ सकें.
