UP Scholarship: स्कॉलरशिप का इंतजार कर रहे करीब 18 हजार विद्यार्थियों के लिए राहत की उम्मीद जगी है. शिक्षण संस्थानों से आवेदन फॉरवर्ड करने के दौरान हुई गलतियों के कारण पिछले वित्तीय वर्ष की छात्रवृत्ति का भुगतान अटक गया था. अब नए वित्तीय वर्ष के चार महीने बीतने के बाद शासन ने लंबित आवेदनों की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए हैं.
आवेदन फॉरवर्ड करने में हुईं कई स्तर पर गलतियां
यूपी समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए शिक्षण संस्थानों ने विद्यार्थियों के आवेदन फॉरवर्ड किए थे. इसी दौरान लिपिकों की ओर से कई स्तर पर गलतियां हुईं. समय रहते इनका सुधार नहीं हो सका, जिसके चलते बड़ी संख्या में पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई. विद्यार्थी लंबे समय तक विभाग और शिक्षण संस्थानों के चक्कर लगाते रहे.
शासन ने अब दोबारा प्रक्रिया शुरू करने के दिए निर्देश
मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर से इसकी जानकारी शासन को भेजी गई. अब शासन ने लंबित छात्रवृत्ति के आवेदनों में सुधार कर पात्र विद्यार्थियों को लाभ दिलाने के लिए प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए पिछले वित्तीय वर्ष की छात्रवृत्ति का कार्यक्रम भी दोबारा जारी किया गया है. नई समय सारणी जारी होने के बाद छात्रों को लंबित राशि मिलने की उम्मीद है.
7 सितंबर तक तैयार होगा मास्टर डाटा
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कोमिल द्विवेदी के मुताबिक, नई समय सारणी जारी कर दी गई है. इसके तहत शिक्षण संस्थानों को 7 सितंबर तक मास्टर डाटा तैयार करना होगा. इसके बाद 8 सितंबर तक विश्वविद्यालय या कॉलेज की ओर से फीस समेत अन्य विवरणों का सत्यापन किया जाएगा. सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक छात्रवृत्ति का वितरण किया जाएगा.
SBI की कई शाखाएं पोर्टल से नहीं जुड़ने से भी परेशानी
छात्रवृत्ति भुगतान में एक और बड़ी समस्या सामने आई है. विभागों की ओर से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की कई शाखाओं को अपने पोर्टल से नहीं जोड़ा गया था. इन शाखाओं में बड़ी संख्या में छात्रों के बैंक खाते हैं. ऐसे में पोर्टल पर शाखाओं के जुड़ाव की समस्या के कारण भी कई विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी. अब दोबारा शुरू होने वाली प्रक्रिया में इस खामी को भी दूर करने की बात कही जा रही है.
