UP News: गुम हुआ मोबाइल वापस मिल जाए, इसकी उम्मीद अक्सर लोग छोड़ देते हैं. लेकिन शाहजहांपुर पुलिस ने वह काम कर दिखाया, जिसकी लोगों ने उम्मीद ही छोड़ दी थी. पुलिस ने उन लोगों के चेहरे पर फिर मुस्कान लौटा दी, जिन्होंने अपना मोबाइल दोबारा मिलने की आस छोड़ दी थी. जिले की सर्विलांस सेल, एसओजी और साइबर हेल्प डेस्क की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच के जरिए 151 गुम मोबाइल फोन बरामद कर लिए. इन मोबाइलों की कुल बाजार कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है.
महीनों बाद लौटी अपनों की निशानी
बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ने बरामद किए गए सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे. महीनों बाद अपना खोया हुआ फोन हाथ में आते ही लोगों के चेहरे खिल उठे. कई लोग इतने भावुक हो गए कि उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी.
सर्विलांस टीम ने ऐसे खोजे मोबाइल
पुलिस के मुताबिक, मोबाइल गुम होने की शिकायत मिलने के बाद सबसे पहले उसके IMEI नंबर को सर्विलांस पर लगाया जाता है, इसके बाद CEIR पोर्टल और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से मोबाइल को ट्रेस किया गया. तकनीकी जांच में मोबाइल की लोकेशन और उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाई गई, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की.
कई जिलों और राज्यों तक पहुंची पुलिस
बरामद किए गए मोबाइल सिर्फ शाहजहांपुर तक सीमित नहीं थे. तकनीकी निगरानी के जरिए इनकी लोकेशन अलग-अलग जिलों और राज्यों में मिली, इसके बाद पुलिस टीम ने संबंधित स्थानों पर कार्रवाई कर मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुंचाया.
35 लाख की संपत्ति पाकर खिले चेहरे
एक साथ 151 मोबाइल की बरामदगी और करीब 35 लाख रुपये की संपत्ति वापस मिलने से पुलिस की इस कार्रवाई की चर्चा है, जिन लोगों को अपने मोबाइल वापस मिले, उनके लिए यह सिर्फ एक फोन की वापसी नहीं, बल्कि खोई हुई उम्मीद के लौटने जैसा था.
मोबाइल गुम हो तो तुरंत करें ये काम
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर बिना देरी किए नजदीकी थाने में सूचना दें. साथ ही CEIR पोर्टल पर जाकर मोबाइल को ब्लॉक कराएं और अपनी सिम बंद कराकर नई सिम जारी करा लें, इससे मोबाइल और उसमें मौजूद निजी डेटा के दुरुपयोग का खतरा कम किया जा सकता है.
साइबर फ्रॉड पर 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने साइबर अपराध को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है. किसी भी तरह का साइबर फ्रॉड होने पर घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने की अपील की गई है. समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने और मामले में कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है. इनपुट- राजेश तोमर
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