UP News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गंगोह क्षेत्र स्थित कुंडाबसी गांव की पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट की शुरुआती जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं.अधिकारियों के अनुसार, क्षमता से अधिक विस्फोटक सामग्री का भंडारण, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही इस हादसे की तीन बड़ी वजहें मानी जा रही हैं. हादसे में दो लोगों की मौत हुई है, जबकि दो मजदूर अब भी लापता हैं.
पहली वजह: लाइसेंस से ज्यादा बारूद का भंडारण
जांच में पता चला कि फैक्टरी के पास केवल 15 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री रखने का लाइसेंस था, लेकिन चारों कमरों में बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखे रखे गए थे.कुछ पटाखे परिसर के बाहर धूप में भी सुखाए जा रहे थे.अधिकारियों का मानना है कि क्षमता से अधिक विस्फोटक सामग्री रखने और बारूद के गलत मिश्रण की वजह से धमाका हुआ हो सकता है.
दूसरी वजह: सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी
फैक्टरी आबादी से महज 300 मीटर दूर संचालित हो रही थी.जांच में एंटी-स्टेटिक फर्श, पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, फायर अलार्म, पानी की व्यवस्था और मजदूरों के लिए सुरक्षा किट जैसी अनिवार्य सुविधाएं नहीं मिलीं.मजदूरों का बीमा भी नहीं कराया गया था.ऐसे में फैक्टरी को लाइसेंस जारी होने और सुरक्षा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
तीसरी वजह: प्रशासनिक अनदेखी
ग्रामीणों के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले भी इसी पटाखा फैक्टरी में आग लगने की घटना हुई थी, लेकिन उसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.आरोप है कि संबंधित विभागों की ओर से नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की प्रभावी निगरानी नहीं की गई.शुरुआती जांच में प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही की आशंका भी जताई गई है.अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों की जांच और आवश्यक कार्रवाई की गई होती, तो इस बड़े हादसे को टाला जा सकता था.
दो की मौत, दो मजदूर लापता, जांच के आदेश
शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे बारूद का मिश्रण तैयार करते समय हुए विस्फोट में ठेकेदार दीपराज (23) और संदीप (25) की मौत हो गई, जबकि दो मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं.धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और मलबा व शवों के अवशेष लगभग 600 मीटर दूर तक बिखर गए.डीएम अरविंद कुमार चौहान ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह ने कहा कि फैक्टरी के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और विस्फोट के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
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