बेटी के जन्म से पहले पिता और मामा की मौत, अस्पताल में इंतजार करती रही मां

UP News: हमीरपुर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां गर्भवती पत्नी से मिलने जिला अस्पताल जा रहे युवक और उसके साले की सड़क हादसे में मौत हो गई. इस हृदय विदारक घटना के कुछ ही घंटों बाद पत्नी ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया.

UP News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। गर्भवती पत्नी से मिलने जिला अस्पताल जा रहे एक युवक और उसके साले की सड़क हादसे में मौत हो गई। इस हादसे के महज दो घंटे बाद अस्पताल में पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया। जिस पिता को अपनी नवजात बच्ची का पहली बार चेहरा देखना था, वह उससे पहले ही इस दुनिया को अलविदा कह चुका था। इस घटना के बाद पूरे परिवार में मातम का माहौल है।  

पत्नी को देखने अस्पताल जा रहे थे कुलदीप  

जानकारी के अनुसार, मौदहा थाना क्षेत्र के रोहारी गांव निवासी कुलदीप कुमार की पत्नी रेखा को प्रसव पीड़ा होने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पत्नी की तबीयत की जानकारी मिलने पर कुलदीप रात में ही उसे देखने के लिए निकले। उनके साथ उनके साले पवन और एक अन्य रिश्तेदार भी थे। पहले वे बाइक से जाने वाले थे, लेकिन बाइक की हेडलाइट खराब होने के कारण उन्होंने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ई-रिक्शा से अस्पताल जाने का फैसला किया।  

अस्पताल पहुंचने से पहले हुआ दर्दनाक हादसा  

रात करीब एक बजे जब ई-रिक्शा नेशनल हाईवे-34 पर कुण्डरा गांव के पास पहुंचा, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुलदीप कुमार और उनके साले पवन की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनके साथ मौजूद एक अन्य रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि हादसा जिला अस्पताल से करीब 23 किलोमीटर पहले हुआ, जहां कुलदीप अपनी पत्नी से मिलने जा रहे थे।  

दो घंटे बाद बेटी ने लिया जन्म  

इस दर्दनाक हादसे के करीब दो घंटे बाद, रात लगभग तीन बजे जिला अस्पताल में रेखा ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। परिवार एक तरफ नवजात बच्ची के जन्म की खुशी मनाने की तैयारी कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ कुलदीप और पवन की मौत की खबर ने पूरे घर को गम में डुबो दिया। नवजात बच्ची अपने पिता का चेहरा देखे बिना ही इस दुनिया में आई। वहीं, उसके मामा भी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे।  

बाइक की खराब लाइट बनी सफर बदलने की वजह  

परिजनों के अनुसार, यदि बाइक की हेडलाइट सही होती तो शायद वे ई-रिक्शा से सफर नहीं करते। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने ई-रिक्शा चुना। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में इतना बड़ा हादसा उनका इंतजार कर रहा होगा।  

मां को अब तक नहीं बताई गई पति और भाई की मौत की खबर  

अस्पताल में भर्ती रेखा को फिलहाल उसके पति कुलदीप और भाई पवन की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। परिवार का कहना है कि प्रसव के तुरंत बाद यह सदमा देना ठीक नहीं होगा। इसलिए फिलहाल परिजन उससे यह बात छिपाए हुए हैं। उधर, नवजात बेटी के जन्म की खुशी और पति-बेटे की मौत का दुख एक साथ आने से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।  

एक बार फिर सवालों में NH-34 की सुरक्षा

इस हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाईवे-34 पर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं। उनका मानना है कि तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की जांच कर रही है।

Input: लक्की कुमारी

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By Khushboo Kumari

खुशबू कुमारी पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज, से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है तथा वर्तमान में इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन एंड डिजिटल मीडिया) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें जनहित से जुड़ी खबरों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइन में विशेष रुचि है. वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर शोधपरक, तथ्यपरक और पाठकों के लिए उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं. उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है, ताकि समाचार केवल सूचना का माध्यम न होकर समाज के लिए उपयोगी साबित हों.

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