UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर कार्यदशा से जुड़े अहम फैसले लिए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई. इसके तहत श्रमिकों के अधिकारों और कार्यस्थल पर सुविधाओं को मजबूत करने के प्रावधान किए गए हैं.
10 कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में नियुक्ति पत्र जरूरी
नई नियमावली के तहत कम से कम 10 कर्मचारियों वाले सभी कारखानों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों को लिखित नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा. हालांकि, घरेलू और कृषि क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को इस प्रावधान से बाहर रखा गया है.
हर साल मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा
नियमावली के मुताबिक श्रमिकों की हर साल नियोक्ता के खर्च पर मुफ्त स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी. इसके अलावा कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना, संभावित जोखिमों का आकलन करना और पीने का पानी, शौचालय, स्नानघर, विश्राम कक्ष, कैंटीन और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी.
महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति
नई व्यवस्था के तहत महिलाओं को उनकी सहमति के आधार पर सभी तरह के प्रतिष्ठानों में काम करने का अवसर मिलेगा. जरूरी सुरक्षा उपायों के साथ महिला कर्मचारियों को रात्रिकालीन पाली में भी काम करने की अनुमति होगी. इसका उद्देश्य महिलाओं के रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
कैबिनेट ने 24 प्रस्तावों को दी मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर मुहर लगी. इनमें महिलाओं, युवाओं और औद्योगिक विकास से जुड़े फैसले शामिल हैं. स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के तहत प्रदेश के युवाओं को 25 लाख मुफ्त टैबलेट देने का भी फैसला किया गया है. इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है.
