UP Expressway Project: उत्तर प्रदेश में विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं. परियोजना के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया के तहत पहले चरण में प्रयागराज के 45 गांवों को चिह्नित किया गया है. इन गांवों के छह हजार से अधिक किसानों की जमीन परियोजना के दायरे में आ रही है. शासन के निर्देश के बाद अब किसानों की सहमति से जमीन का बैनामा कराने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए जमीन से जुड़े अभिलेखों की जांच और किसानों की सूची तैयार करने का काम चल रहा है.
45 गांवों के छह हजार से अधिक किसान दायरे में
विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए पहले चरण में चिह्नित 45 गांवों में छह हजार से अधिक किसानों की जमीन परियोजना के दायरे में आ रही है. संबंधित जमीन का ब्योरा जुटाया जा रहा है. इसके साथ ही राजस्व अभिलेखों की जांच कर जमीन के स्वामित्व और अन्य जरूरी विवरणों का परीक्षण किया जा रहा है. अभिलेखों की जांच पूरी होने के बाद संबंधित किसानों से संपर्क किया जाएगा.
अधिग्रहण के बजाय सहमति से होगा बैनामा
शासन ने परियोजना के लिए जमीन जुटाने में अधिग्रहण के बजाय आपसी सहमति को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं. इसी के तहत किसानों की सहमति से जमीन का बैनामा कराने की तैयारी है. प्रशासन का प्रयास है कि किसानों से बातचीत के जरिए जमीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि परियोजना के लिए भूमि जुटाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके. जमीन की उपलब्धता और किसानों की सहमति के आधार पर बैनामे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
अगले चरण में भी जारी रहेगी जमीन जुटाने की प्रक्रिया
पहले चरण में 45 गांवों की जमीन से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना के अगले चरणों के लिए भी जमीन जुटाने की कार्रवाई की जाएगी. शासन स्तर से विंध्य एक्सप्रेसवे की तैयारियों की निगरानी की जा रही है. परियोजना से जुड़ी जरूरी कागजी कार्रवाई को भी आगे बढ़ाया जा रहा है.
जल्द तैयार की जाएगी डीपीआर
विंध्य एक्सप्रेसवे को प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, एक्सप्रेसवे प्रयागराज की तीन तहसीलों से होकर गुजरेगा. इसे पूर्वांचल को जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है. शिलान्यास से पहले जमीन और अन्य जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने की तैयारी है.
