UP में 72825 शिक्षक भर्ती पर क्यों अटकी नौकरी? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- अब किसी नियुक्ति का आधार नहीं बचा, जानें पूरा मामला

UP News: उत्तर प्रदेश की 72825 शिक्षक भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. राज्य सरकार ने हलफनामा दाखिल कर साफ कर दिया है कि अब किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति देने का कोई कानूनी आधार नहीं बचा है. अभ्यर्थियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है.

UP Teacher Recruitment: उत्तर प्रदेश की 72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती को लेकर करीब डेढ़ दशक से चल रही कानूनी लड़ाई में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना रुख साफ कर दिया है. सरकार ने कहा है कि भर्ती से जुड़े विवाद में अब किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति देने का कानूनी आधार नहीं बचा है. बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में पहले हो चुकी न्यायिक कार्यवाही और अदालतों के आदेशों का हवाला दिया गया है.

सरकार ने हलफनामे में क्या कहा?

हलफनामे में स्टेट ऑफ यूपी बनाम शिव कुमार पाठक मामले का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2017 के फैसले में 66,555 नियुक्तियों को प्रभावित नहीं करने का निर्देश दिया था. वहीं, बाकी रिक्तियों को नई विज्ञप्ति के जरिए भरने की बात कही गई थी. सरकार के अनुसार, इसके बावजूद कुछ अभ्यर्थियों ने अंतरिम आदेशों के आधार पर नियुक्ति की मांग की.

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 16 अप्रैल 2024 को ऐसे नियुक्ति संबंधी दावों को खारिज कर दिया था. इसके बाद दाखिल विशेष अनुमति याचिका (SLP) को भी सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई 2024 को खारिज कर दिया. सरकार का कहना है कि इन न्यायिक आदेशों के बाद अब अंतरिम आदेश या किसी अन्य आधार पर नई नियुक्ति का रास्ता नहीं बचता.

जुलाई में पांच श्रेणियों में सुनवाई का फैसला

72825 शिक्षक भर्ती से जुड़े मामलों की सुनवाई को लेकर जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने अभ्यर्थियों को मुख्य रूप से पांच श्रेणियों में बांटकर आगे सुनवाई करने का निर्णय लिया था. इनमें 7 दिसंबर 2015 के आदेश से जुड़े अभ्यर्थी, जिलावार मेरिट सूची में नाम होने के बावजूद नियुक्ति से वंचित उम्मीदवार और 24 फरवरी 2016 के आदेश का लाभ चाहने वाले अभ्यर्थी शामिल हैं. विभिन्न याचिकाओं के जरिए करीब 32 हजार अभ्यर्थी इस मामले से जुड़े बताए गए हैं.

अभ्यर्थियों की उम्मीदों को झटका

सरकार के इस हलफनामे से उन अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है, जो 72825 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर लंबे समय से न्यायिक लड़ाई लड़ रहे हैं. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मौजूदा अवमानना याचिकाओं और उनसे जुड़ी अन्य याचिकाओं को खारिज करने का अनुरोध किया है. हालांकि, अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है, इसलिए सरकार का हलफनामा अपने आप में नियुक्ति का अंतिम न्यायिक फैसला नहीं है.

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By खुशबू कुमारी

खुशबू कुमारी पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज, से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है तथा वर्तमान में इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन एंड डिजिटल मीडिया) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें जनहित से जुड़ी खबरों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइन में विशेष रुचि है. वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर शोधपरक, तथ्यपरक और पाठकों के लिए उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं. उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है, ताकि समाचार केवल सूचना का माध्यम न होकर समाज के लिए उपयोगी साबित हों.

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