UP News: उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे हजारों विद्यार्थियों को बड़ा झटका लगा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत फॉर्म में त्रुटियां होने के कारण 4,544 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं. विभाग की ओर से आवेदन में सुधार का मौका दिए जाने के बावजूद ये छात्र निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर सके, जिससे उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा.
43 हजार से अधिक आवेदन, 4,544 हुए निरस्त
कानपुर में अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग के प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक श्रेणी के कुल 43,272 विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था. जांच और त्रुटि सुधार का अवसर मिलने के बाद भी 4,544 आवेदनों में कमियां बनी रहीं, जिसके चलते उन्हें निरस्त कर दिया गया. विभागीय आंकड़ों के अनुसार 38,728 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ मिला.
पिछले साल के मुकाबले घटे आवेदन और लाभार्थी
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 51,893 विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 45,456 छात्रों को योजना का लाभ मिला, जबकि 6,437 आवेदन निरस्त हुए थे. इस बार आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 8,621 की कमी दर्ज की गई है. वहीं लाभार्थी छात्रों की संख्या भी 6,728 कम हुई है. हालांकि, निरस्त आवेदनों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 1,893 कम रही.
2026-27 सत्र के लिए जारी हुआ नया शेड्यूल
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमित प्रताप सिंह ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की समय-सारिणी जारी कर दी गई है. मास्टर डाटा तैयार करने की अवधि 22 जुलाई से 15 अगस्त तक निर्धारित की गई है, जबकि सत्यापन की प्रक्रिया 25 जुलाई से 14 सितंबर तक पूरी होगी. इसके बाद छात्र-छात्राएं 15 सितंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक शासन की आधिकारिक छात्रवृत्ति वेबसाइट http://scholarship.up.gov.in/ पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.
दस्तावेजी त्रुटियां बनीं सबसे बड़ी वजह
समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर के अनुसार, दस्तावेजों में त्रुटियां, पात्रता संबंधी शर्तें पूरी न होना और सत्यापन प्रक्रिया में कमी आवेदन निरस्त होने के प्रमुख कारण रहे. उन्होंने बताया कि इस चरण में सामान्य वर्ग के जिन छात्रों के आवेदन निरस्त हो चुके हैं, उन्हें छात्रवृत्ति मिलने की संभावना नहीं है. वहीं, कुछ मामलों में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के पात्र छात्रों को लाभ मिलने की संभावना बनी हुई है.
