UP News: दिवाली और छठ पूजा में अभी करीब दो महीने का वक्त है, लेकिन घर-गांव जाने की तैयारी कर रहे लोगों की चिंता अभी से बढ़ गई है. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में रहने वाले पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी ट्रेन में टिकट को लेकर है. इन राज्यों की ओर जाने वाली ज्यादातर ट्रेनों में अभी से वेटिंग शुरू हो गई है, जबकि कई ट्रेनों में नो रूम की स्थिति है. कई लोगों ने वेटिंग टिकट तो बुक करा लिया है, लेकिन उन्हें टिकट कंफर्म होने की उम्मीद कम नजर आ रही है. ऐसे में लोगों की नजर अब रेलवे की ओर से चलायी जाने वाली स्पेशल ट्रेनों पर टिकी है.
हवाई किराया भी हुआ डबल
ट्रेनों में सीट नहीं मिलने के बाद हवाई यात्रा भी आसान विकल्प नहीं रह गई है. दिल्ली से गोरखपुर, पटना, रांची समेत अन्य शहरों के लिए हवाई किराया इस समय सामान्य दिनों की तुलना में डबल बताया जा रहा है. माना जा रहा है कि त्योहारों का समय नजदीक आने के साथ किराया और बढ़ सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में रहकर रोजी-रोटी कमाते हैं. पूरे साल गांव जाना संभव नहीं हो पाता, लेकिन छठ पूजा पर घर पहुंचने की इच्छा रहती है. इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के सामने घर जाने के लिए टिकट का संकट खड़ा हो गया है.
तत्काल टिकट पर भी भरोसा मुश्किल
ट्रेनों में सामान्य टिकट उपलब्ध नहीं होने के बाद यात्रियों के पास तत्काल कोटे का विकल्प बचता है. हालांकि, इसमें भी टिकट मिलना आसान नहीं है. ऐसे में कई लोग अपने निजी वाहन या टैक्सी से गांव जाने की तैयारी कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देवरिया के रहने वाले राजकुमार सिंह बताते हैं कि वह दिवाली और छठ पूजा गांव में मनाना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने ट्रेन टिकट बुक कराने की कोशिश की, लेकिन अभी से कई ट्रेनों में वेटिंग दिख रही है. कुछ ट्रेनों में नो रूम की स्थिति भी है.
स्पेशल ट्रेनों से है यात्रियों को उम्मीद
रेलवे के रिकॉर्ड के मुताबिक, पूर्वांचल और बिहार की ओर जाने वाली संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, शिव गंगा एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस और वंदे भारत में 4 से 6 नवंबर के बीच कोई सीट उपलब्ध नहीं है.
स्पेशल ट्रेनों के 6 हजार फेरे लगाने की तैयारी
बीते वर्ष त्योहारों के दौरान स्पेशल ट्रेनों ने 5400 फेरे लगाए थे. रेलवे सूत्रों के मुताबिक, इस साल इन फेरों की संख्या बढ़ाकर 6 हजार की जा सकती है. इन स्पेशल ट्रेनों को दिल्ली से बनारस, अयोध्या कैंट, पटना, दरभंगा, बरौनी, सहरसा, प्रयागराज, जोगबनी और भागलपुर समेत अन्य स्टेशनों के लिए चलाया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय के मुताबिक, सबसे अधिक मांग वाले रूटों को चिन्हित कर स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा.
Must Read: अखिलेश यादव के अशोक-बुद्ध वाले बयान पर क्यों भड़के राजभर, बोले- ‘यादव जी और खान साहब ही चाहिए क्या?
