Bareilly Classic Pure Water: उत्तर प्रदेश के बरेली में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने पैकेज्ड पेयजल को लेकर कार्रवाई की है. कैंट चनेहटी स्थित भारत इंटरप्राइजेज के ‘क्लासिक प्योर’ ब्रांड के पैकेज्ड पानी के एक बैच को जांच में असुरक्षित पाए जाने के बाद उसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. साथ ही फर्म का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है.
24 जून को लिया गया था नमूना
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरजनपदीय टीम के खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके दीक्षित ने 24 जून 2026 को ‘क्लासिक प्योर’ पैकेज्ड पानी का नमूना लिया था. इसकी जांच राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, लखनऊ में कराई गई. 14 जुलाई 2026 को प्राप्त जांच रिपोर्ट में पानी के नमूने में कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया, यीस्ट और मोल्ड की मौजूदगी की पुष्टि हुई. जांच में टीडीएस (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड), कैल्शियम और मैग्नीशियम भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए.
CP 02 बैच की बिक्री पर प्रतिबंध
संयुक्त आयुक्त द्वितीय राहुल सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा 36(3)(बी) के तहत ‘क्लासिक प्योर’ के बैच CP 02 की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है. इसके साथ ही भारत इंटरप्राइजेज का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है. विभाग के मुताबिक, प्रतिबंधित बैच की बिक्री पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया से हो सकती हैं ये समस्याएं
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के अनुसार पानी में कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी मलजनित या अन्य सूक्ष्मजीवी संदूषण की ओर संकेत करती है. ऐसे पानी के सेवन से दस्त, उल्टी, पेट दर्द, आंतों का संक्रमण और डिहाइड्रेशन जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका रहती है. बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है. वहीं, पानी में यीस्ट और मोल्ड की मौजूदगी भी उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाती है. इसी आधार पर संबंधित बैच के पेयजल वितरण पर रोक लगाई गई है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.
