उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मॉनसून सत्र सोमवार को औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत में विपक्ष ने शिक्षक भर्ती और चंदा चोरी जैसे विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया. इसके पश्चात सदन की कार्यवाही के दौरान दिवंगत सपा विधायक आलम बदी के दुखद निधन पर शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ के निजामाबाद से विधायक रहे आलम बदी के प्रति गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके लंबे सार्वजनिक जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला.
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा आलम बदी का जीवन परिचय
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन को सूचित किया कि वरिष्ठ नेता आलम बदी का निधन 90 वर्ष की आयु में हुआ है. उनका जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ जिले में हुआ था और उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में उच्च शिक्षा प्राप्त की थी. वह निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से कुल पांच बार विधायक चुने गए थे. इसके अतिरिक्त वे कौमी एकता मंच के संस्थापक भी रहे और जीवन भर गरीब तथा असहाय लोगों की सहायता करना हमेशा उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर शामिल रहा.
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के व्यक्तिगत संस्मरण
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मुख्यमंत्री के शोक वक्तव्य से अपनी सहमति जताते हुए आलम बदी को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने विधायक के अंतिम दिनों का एक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी वे बेहद दृढ़ इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति थे. 90 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद वे मेदांता में इलाज के समय भी आगामी चुनाव लड़ने का उत्साह दिखा रहे थे. पूरा सदन उनके निधन से दुखी है और उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करता है.
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