"एक IPS अफसर की ऐसी कहानी, जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे!"

Up Ips Officer News: पूर्व IPS अधिकारी मणिलाल पाटीदार की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने यूपी सरकार से जवाब मांगा और अगली सुनवाई जुलाई में तय की. पाटीदार पर व्यापारी को आत्महत्या के लिए उकसाने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं. वे लंबे समय तक फरार रहे थे.

Up Ips Officer News: महोबा के चर्चित व्यापारी आत्महत्या कांड में आरोपी और बर्खास्त आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 11 जून 2025 को सुनवाई की. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है. अदालत ने कहा कि राज्य सरकार का पक्ष सुने बिना इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा.

जुलाई में होगी अगली सुनवाई

कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि इस याचिका पर अंतिम निर्णय अब जुलाई में अगली सुनवाई के दौरान ही लिया जाएगा. पाटीदार की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि वे लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं और अब तक जांच पूरी हो चुकी है, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला सितंबर 2020 का है, जब महोबा में तैनात तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर स्थानीय व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी ने भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के आरोप लगाए थे. त्रिपाठी ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा था कि पाटीदार उनसे हर महीने ₹5 से ₹6 लाख की रिश्वत मांगते हैं. वीडियो सार्वजनिक होने के कुछ ही दिन बाद इंद्रकांत त्रिपाठी एक संदिग्ध गोलीकांड में घायल मिले थे और बाद में उनकी मौत हो गई.

इस घटना के बाद मणिलाल पाटीदार पर आत्महत्या के लिए उकसाने, भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश जैसे कई संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी.

लंबे समय तक फरार रहे, फिर किया सरेंडर

इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद मणिलाल पाटीदार फरार हो गए थे. पुलिस और एसआईटी की टीमें उन्हें ढूंढती रहीं, लेकिन वह करीब दो वर्षों तक कानून से बचते रहे. उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया था और लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था. अंततः उन्होंने 15 अक्टूबर 2022 को सरेंडर किया, जिसके बाद से वह जेल में बंद हैं.

हाईकोर्ट से बार-बार जमानत याचिकाएं खारिज

इससे पहले पाटीदार ने कई बार इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने हर बार याचिका खारिज कर दी. हाईकोर्ट का मानना था कि इस केस की प्रकृति बेहद गंभीर है और आरोपी का बाहर आना मामले की निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकता है. अदालत ने विशेष रूप से यह भी कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर लगे इस प्रकार के आरोप जनता के विश्वास को तोड़ते हैं.

अब सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद

अब पाटीदार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने यूपी सरकार से जवाब मांगा है. अब नजरें जुलाई में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें तय होगा कि पाटीदार को जमानत मिलेगी या नही.

मामले की मुख्य बातें

1-: अभियुक्त: मणिलाल पाटीदार, बर्खास्त आईपीएस अधिकारी

2-: मामला: भ्रष्टाचार और आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप

3-: पीड़ित: इंद्रकांत त्रिपाठी, महोबा के व्यापारी

4-: घटना: रिश्वत के आरोपों के बाद व्यापारी की संदिग्ध मौत

5-: वर्तमान स्थिति: पाटीदार जेल में, सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका

6-: अगली सुनवाई: जुलाई 2025 में

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लेखक के बारे में

Author: Abhishek Singh

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