UP News: उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में भुगतान व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. अब केंद्र सरकार से बजट मिलने में देरी होने पर भी सेवा प्रदाताओं और कर्मचारियों का भुगतान नहीं रोका जाएगा. जरूरत पड़ने पर इसके लिए राज्य के बजट से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी. अधिकारियों की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी भी तय की जाएगी.
केंद्र से बजट में देरी पर भी नहीं रुकेगा भुगतान
अपर मुख्य सचिव (एसीएस) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार से बजट मिलने में देरी की वजह से सेवा प्रदाताओं और कर्मचारियों का भुगतान प्रभावित नहीं होना चाहिए. इसके लिए राज्य के बजट से धनराशि लेने की व्यवस्था की जाए. उन्होंने कहा कि भुगतान में किसी तरह की शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित कर उनकी जिम्मेदारी तय की जाए.
भुगतान में देरी पर जताई नाराजगी
अमित कुमार घोष ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की 139वीं कार्यकारी समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान स्वास्थ्य कार्यक्रमों, सेवा प्रदाताओं के भुगतान और आकांक्षात्मक ब्लॉकों में स्वास्थ्य संकेतकों की प्रगति पर चर्चा हुई. सेवा प्रदाताओं के भुगतान में देरी पर उन्होंने नाराजगी जताई और समय पर नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय में भुगतान से जुड़ी पत्रावलियां लंबे समय तक लंबित रहने पर भी जिम्मेदारी तय करने को कहा.
लंबे समय से एक जगह तैनात कर्मचारियों का होगा रिव्यू
एसीएस ने लंबे समय से एक ही पद या स्थान पर तैनात कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई दे रही है, उनके स्थानांतरण पर विचार किया जाए. एनएचएम को 15 दिन के भीतर संयुक्त निदेशकों और जीएम के साथ बैठक कर भुगतान समेत अन्य महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा करने को भी कहा गया है.
टेंडर खत्म होने से पहले पूरी हो नई चयन प्रक्रिया
बैठक में सेवा प्रदाताओं के टेंडर को लेकर भी निर्देश दिए गए. एसीएस ने कहा कि किसी सेवा प्रदाता का मौजूदा टेंडर खत्म होने से पहले ही नए चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि सेवाओं में किसी तरह की रुकावट न आए.
आकांक्षात्मक ब्लॉकों के स्वास्थ्य संकेतकों पर भी फोकस
आकांक्षात्मक ब्लॉकों में स्वास्थ्य से जुड़े चार इंडीकेटर्स की प्रगति में सुधार के लिए प्रभावी योजना बनाने को कहा गया. इसके साथ ही सीएमओ स्तर पर इनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए.
पब्लिक ब्लॉक हेल्थ यूनिट पर भी मांगा जवाब
बैठक में पब्लिक ब्लॉक हेल्थ यूनिट के प्रभावी तरीके से संचालित नहीं होने का मुद्दा भी सामने आया. इस पर एसीएस ने संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा और यूनिट को प्रभावी ढंग से संचालित कराने के निर्देश दिए.
